ढोलबज्जा। नवगछिया के कदवा को दुनियां में विलुप्त प्राय पक्षी गरुड़ के प्रजनन स्थली के रूप में माना जा रहा है। वहीं कुछ लोग उसके आशियाने उजाड़ने में लगे हैं या विभागीय उदासीनता है। यहां के लोग असंमजस में हैं। कदवा मुख्य गरुड़ प्रजनन स्थली के रूप में विख्यात खैरपुर कदवा पंचायत के मध्य विद्यालय परिसर अब विरान लगने लगी है। वहीं के बगड़ी टोला कदवा में भी प्रवासी पक्षी गरुड़ के भी कई बड़े आशियाने के पेड़ कदंब के पेड़ों को जमीन मालिकों ने काट दिये।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारों की मानें तो हर साल की तूलना इस वर्ष कदवा में कम गरुड़ देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच एक ताजा मामला खैरपुर कदवा पंचायत के लक्ष्मीनियां कदवा में गुरुवार को देखने को मिला है ,जहां मनोज मंडल के घर व बसावटों के पास एक पीपल पेड़ पर गरुड़ों ने घोंसले बनाएं है। ग्रामीणों की मानें तो उसके मल त्याग से परेशान मनोज मंडल ने गरुड़ों को भगाने के लिए पटाखे छोड़े।
जिसके बाद घोंसले से गरुड़ का बच्चा गिर कर जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर डॉ. नगीना राय बच्चे को इलाज के लिए घर ले गये। जब डॉक्टर नगीना राय से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ऊंचा पेड़ है। चारा खाने के दौरान गरुड़ का बच्चा गिर गया था। अर्जुन मंडल के पुत्र संतोष मंडल व राणा कुमार मिस्त्री का कहना है कि एक व्यक्ति ने गरुड़ों के मल त्याग से परेशान होकर उसे भगाने के लिए पटाखे छोड़े। इससे बच्चा घोषले से गिर गया।














