लंदन, आइएएनएस। नए रिसर्च में दावा किया गया है कि ‘O’ ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोविड-19 संक्रमण का खतरा कम है और यदि वे बीमार होते हैं तो उनकी हालत गंभीर होने की संभावना न के बराबर होती है। जर्नल एडवांस में प्रकाशित अध्ययन में यह बताया गया है कि ‘O’ ब्लड ग्रुपवाले लोगों पर कोविड-19 संक्रमण का जोखिम कम है। इसके लिए रिसर्च टीम ने डेनमार्क के हेल्थ रजिस्ट्री डाटा की तुलना एक कंट्रोल ग्रुप से की। इस ग्रुप में 22 लाख से अधिक लोग थे जबकि हेल्थ रजिस्ट्री डाटा में कोविड टेस्ट के लिए आए 4 लाख 73 हजार से अधिक लोग थे। कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए लोगों के बीच उन्हें ब्लड ग्रुप ‘O’ वाले लोग कम मिले वहीं ‘A’, ‘B’, और ‘AB’ ब्लड ग्रुप के अधिक लोग थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया में करीब 48 फीसद आबादी का ब्लड ग्रुप O
बता दें कि चार ब्लड ग्रुप A, B, AB और O होते हैं। इसमें O सबसे सामान्य रक्त समूह है। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में करीब 48 फीसद आबादी का ब्लड ग्रुप O है। हालांकि अभी यह रहस्य है कि कैसे यह ब्लड ग्रुप को लेकर अलग अलग प्रतिक्रिया देता है। दक्षिणी डेनमार्क यूनिवर्सिटी के टोरबेन बारिंगटन (Torben Barington) ने बताया कि रिसर्च के दौरान ‘A’, ‘B’, और ‘AB’ टाइप के लोगों के बीच संक्रमण की दर को लेकर खास अंतर नहीं दिखा।

कोरोना वायरस का स्पाइक प्रोटीन है खतरनाक
ऑस्ट्रेलिया के बेकर हार्ट एंड डायबिटीज इंस्टीट्यूट के सीनियर रिसर्च फेलो जेम्स मैकफेडयेन ने कहा कि संक्रमण होने या उसके गंभीर स्तर पर पहुंचने की संभावना में ब्लड ग्रुप का भी प्रभाव देखा गया है। प्रारंभिक स्तर पर मिले इस निष्कर्ष का बड़े पैमाने पर अध्ययन कराने से कोरोना का इलाज खोजने में भी मदद मिल सकती है। मैकफेडयेन का कहना है कि कोरोना वायरस में एक स्पाइक प्रोटीन होता है, जो किसी कोशिका के साथ जुड़कर उसे संक्रमित करने के साथ तेजी से बढ़ता है
