NAUGACHIA NEWS

THE SOUL OF CITY

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा

images31

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। यह ही नवदुर्गो की प्रथम दुर्गा है। पर्वत राज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा है। नवरात्र के पहले दिन इन्हीं की पूजा व उपासना की जाती है। इस दिन की उपासना में योगी अपने मन को चक्र में स्थित करते है और यहीं से उनकी योग साधना का प्रारंभ भी होता है। वृषभ सवार शैलपुत्री माता के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाए हाथ में कमल सुशोभित है।

यह मां पार्वती का ही अवतार है। दक्ष के यज्ञ में भगवान शिव का अपमान होने के बाद सती योगाग्नि में भस्म हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने हिमालय के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। पर्वत की पुत्री होने के कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। मां शैलपुत्री की आराधना से मनोवांछित फल और कन्याओं को उत्तम वर की प्राप्ति होती है। साथ ही साधक को मूलाधार चक्र जाग्रत होने से प्राप्त होने वाली सिद्धियां हासिल होती हैं। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए इन्हें पार्वती एवं हेमवती के नाम से भी जाना जाता है। मां शैलपुत्री की आराधना से मनोवांछित फल मिलता है।

चोर चोर चोर.. कॉपी कर रहा है