बाबू टोला, कमलाकुंड में मची अफरातफरी; अनाज, कपड़े व जरूरी सामान स्वाहा
नवगछिया: नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत गंगा कटाव से विस्थापित क्षेत्र बाबू टोला, कमलाकुंड में गुरुवार दोपहर भीषण अगलगी की घटना में पांच परिवारों के घर जलकर पूरी तरह राख हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और लपटों से घिर गया, जिससे बस्ती में अफरातफरी मच गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अगलगी की इस घटना में डबलू यादव, संतु यादव, खुशी लाल यादव, टुनटुन यादव और नंदनी कुमारी के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। आग की चपेट में आने से पीड़ित परिवारों का अनाज, कपड़े, बर्तन, जरूरी दस्तावेज और दैनिक उपयोग की सामग्री भी जलकर राख हो गई। घटना के बाद इन परिवारों के सामने रहने और जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
आग लगते ही मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने एक-एक कर कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।

दमकल और पुलिस की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही अंचल कर्मी रंधीर कुमार, उप प्रमुख बाबूमणि यादव, मुखिया प्रतिनिधि अमर यादव और उप मुखिया दीवाना कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
प्रशासन ने बांटी त्वरित राहत
अगलगी की घटना के बाद प्रशासन की ओर से त्वरित राहत के तहत अंचल कार्यालय द्वारा पीड़ित परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट का वितरण किया गया, ताकि वे अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर सकें।
पहले गंगा कटाव, अब अगलगी का कहर
बताया जा रहा है कि यह इलाका पहले से ही गंगा कटाव से विस्थापित परिवारों का है, जहां लोग किसी तरह अस्थायी रूप से जीवन-यापन कर रहे थे। ऐसे में आग की इस घटना ने उनकी परेशानी और भी बढ़ा दी है।
घटना के बाद पूरे इलाके में मायूसी और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, राहत राशि और स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।
