भागलपुर । विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल के निर्माण में भले ही डिजायन को लेकर देरी हो रही है। लेकिन हकीकत यह है कि परियोजना के लिए चिह्नित की गई जमीन भी अब तक पूरी तरह कब्जे में नहीं आ सकी है। कुछ रैयतों का मामला भू-अर्जन विभाग में लंबित है। कुछ सरकारी जमीन भी कब्जे में नहीं आ पायी है। इसमें खरीक के महादेवपुर मौजा की करीब 24 डिसमिल जमीन की रिपोर्ट राजस्व विभाग को नहीं मिली है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सीओ स्तर से फाइनल होने के बाद इस जमीन की रिपोर्ट नवगछिया एसडीओ कार्यालय को देनी है। वहां से अब तक त्रुटि निराकरण रिपोर्ट राजस्व विभाग को नहीं मिली है। जबकि सबौर और जगदीशपुर अंचल की सरकारी जमीन की रिपोर्ट मिल गई है। नगर निगम ने भी 1.44 एकड़ जमीन की रिपोर्ट दे दी है। शेष रैयतों की जमीन भू-अर्जन के माध्यम से मिलनी है। राजस्व विभाग ने एसडीओ नवगछिया को फिर से रिमाइंडर किया है।
21.3 हेक्टेयर भू-अर्जन की कार्रवाई अंतिम चरण में
बता दें कि भू-अर्जन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। करीब 4.455 किलोमीटर लंबे फोरलेन पुल का निर्माण बरारी श्मशान घाट की ओर विक्रमशिला सेतु से 50 मीटर दूर बनना है। 68 पाये वाले पुल के दोनों ओर फुटपाथ बनाना है। नवगछिया की ओर 875 मीटर और भागलपुर की ओर 987 मीटर पहुंच पथ बनना है। पुल के लिए 21.3 हेक्टेयर भू-अर्जन की कार्रवाई अंतिम चरण में है। 255 रैयतों को भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। 51 एकड़ में 10 एकड़ सरकारी जमीन है। पुल निर्माण का निर्धारित लक्ष्य 2025 तक रखा गया है।

पुल सहित पहुंच पथ के निर्माण पर 838 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लेकिन पुल के निर्माण पर भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने रोक लगा दी है। आईडब्ल्यूएआई ने पुल के पूरे हिस्से का स्पैन सौ मीटर फासले का होने की बात कहकर एनओसी नहीं दी। जबकि एलएंडटी के डिजायन में 50 मीटर के फासले पर स्पैन का निर्माण किया जाना था। आपत्ति को देखते हुए कार्य एजेंसी एलएंडटी ने सौ मीटर के स्पैन के लिए 500 करोड़ अतिरिक्त की मांग की है। जिस पर मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट हाईवे (मोर्थ) से अब तक ओके रिपोर्ट एलएंडटी को नहीं मिली है।
महादेवपुर मौजा की करीब 24 डिसमिल जमीन की रिपोर्ट नवगछिया एसडीओ कार्यलय से अप्राप्त है। यह सरकारी जमीन है। इसकी रिपोर्ट जरूरी होती है। जल्द ही रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
– राजेश झा राजा, एडीएम, भागलपुर













