रेलकर्मियों पर आश्रित 21 साल से अधिक उम्र वाले उनके बच्चों को भी अब स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। उनका इलाज भी रेलवे की तरफ से मुफ्त में किया या कराया जाएगा। रेलवे ने इस संबंध में नया नोटिफिकेशन जारी किया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!समस्तीपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि नियम को लचीला बनाते हुए रेलवे ने रेलकर्मी के 21 साल से अधिक उम्र वाले आश्रित पुत्र और पुत्री को स्वास्थ्य सुविधा देने का फैसला लिया है। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक रेलकर्मी पर आश्रित अविवाहित, दिव्यांग और बेरोजगार पुत्र और पुत्री को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सहरसा सहित समस्तीपुर मंडल में 10 हजार आठ सौ सेवारत (कार्यरत) रेलकर्मी हैं। सेवानिवृत्त रेलकर्मियों की संख्या 13 हजार से अधिक है। रेलकर्मियों को देश में कहीं भी चिह्नित अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए उम्मीद कार्ड की सुविधा दी गई है।
तीन सौ रेलकर्मियों की फिटनेस की हुई जांच
मंडल रेल चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने वार्षिक हेल्थ एसयोरेन्स प्रोग्राम के तहत तीन सौ रेलकर्मियों की फिटनेस की जांच की। मंडल रेल चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि साल में एक बार सभी रेलकर्मियों की फिटनेस की जांच की जाती है। उच्च रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग कर रजिस्टर में उसे लिखकर रखा जाता है। इसका फायदा होता है कि कर्मियों में जो भी बीमारी रहती है, उसका पता चल जाता। इलाज कर उसे दूर कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि बदला घाट से सुपौल तक हर विभागों के रेल पदाधिकारियों और कर्मियों की जांच की जा चुकी है। सहरसा स्टेशन पर भी कर्मियों की फिटनेस की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि रेल सुरक्षा बल के जवानों की दो बार फिटनेस की जांच की जाती है।

बदला घाट में 30 रेलकर्मी डायबिटीज से पीड़ित मिले
डीएमओ को जांच के दौरान बदला घाट में 30 रेलकर्मी डायबिटीज से पीड़ित मिले। डीएमओ ने कहा कि डायबिटीज से पीड़ित रेलकर्मियों का इलाज किया जा रहा है। मार्च तक स्टेशनों पर जाकर फिटनेस की जांच की जाएगी।
