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विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण कार्य तेज, 5 मीटर गार्डर चढ़ाया गया

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। रविवार को बीआरओ की टीम ने टूटे हिस्से पर 5 मीटर लंबा गार्डर चढ़ा दिया। इंजीनियरों की निगरानी में लगातार युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

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जानकारी के अनुसार, सेतु पर 49 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा बेली ब्रिज तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए तकनीकी टीम लगातार निगरानी कर रही है।

अधिकारियों ने संभावना जताई है कि इस माह के अंत तक बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पुल की मजबूती और विभिन्न प्रकार के वाहनों का भार सहने की क्षमता की जांच की जाएगी।

जिस स्थान पर बेली ब्रिज का निर्माण हो रहा है, वहां की संरचनात्मक मजबूती (स्ट्रेंथ) की भी विशेष रूप से जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत और बेली ब्रिज निर्माण कार्य को लेकर लोगों की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह पुल भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है।

बिहार के पुलों के रखरखाव को लेकर बड़ा फैसला, विक्रमशिला सेतु के मेंटेनेंस पर 20 करोड़ से अधिक खर्च संभव

पुल निर्माण निगम ने बिहार के सभी पुल-पुलियों के रखरखाव को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद अब विक्रमशिला सेतु समेत राज्य के अन्य महत्वपूर्ण पुलों की मरम्मत और रखरखाव कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

निगम ने निर्माण सामग्री, टूल्स-प्लांट और तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 55 एजेंसियों का पैनल तैयार किया है। इससे अब किसी भी पुल में तकनीकी खराबी या क्षति होने पर बाहरी एजेंसी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जा सकेगा।

जानकारी के अनुसार, विक्रमशिला सेतु के मेंटेनेंस पर 20 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है। पुल निर्माण निगम को सेतु के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंप दी गई है और जल्द ही इसके लिए विस्तृत एस्टिमेट रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश भी जारी किया गया है।

फिलहाल विक्रमशिला सेतु पर आवागमन सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का कार्य तेजी से चल रहा है। निगम ने योजनाओं को तीन श्रेणियों में बांटा है। 15 करोड़ रुपये तक की योजनाओं को कैटेगरी-ए, पांच करोड़ तक की योजनाओं को कैटेगरी-बी और एक करोड़ तक की योजनाओं को कैटेगरी-सी में रखा गया है।

मुख्यालय स्तर पर यह निर्णय लिया गया है कि आगे से पुलों का मेंटेनेंस और रखरखाव कार्य निगम के अधीन ही कराया जाएगा। हालांकि विक्रमशिला सेतु के रखरखाव की जिम्मेदारी भागलपुर या खगड़िया डिवीजन में से किसी एक को दी जा सकती है। वर्तमान में सेतु की निगरानी खगड़िया डिवीजन के पास है।

विक्रमशिला सेतु बिहार के प्रमुख संपर्क पुलों में से एक माना जाता है, ऐसे में इसके रखरखाव को लेकर लिया गया यह फैसला आम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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