बारिश थमने के बाद भी गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। मंगलवार को गंगा के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बुधवार को भी गंगा के जलस्तर में तीन से पांच सेंटीमीटर वृद्धि होने का अनुमान है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय जल आयोग, भागलपुर के प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक चार से पांच घंटे में गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि शाम चार बजे तक 34. 41 सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर रिकार्ड किया गया। भागलपुर में गंगा 73 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से पानी नये क्षेत्रों में फैलता जा रहा है। अभी तक जिले के 16 में से 15 प्रखंडों के 270 गांव बाढ़ से घिर चुके हैं। 10 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में शरण लिये हुए हैं। कई तटबंधों पर पानी का दबाव बना हुआ है। एनएच 80 पर भी कई जगहों पर पानी बह रहा है।


कहलगांव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.21 सेमी ऊपर
झारखंड के पहाड़ी क्षेत्र से बरसाती पानी उतरने की वजह से कहलगांव और आसपास के क्षेत्रों की सहायक नदियां उफनाने लगी है। इससे बाढ़ का पानी नये क्षेत्रों में फैलता जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार को जलस्तर में छह घंटे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई। संध्या छह बजे तक जलस्तर कहलगांव में 32.30 मीटर पर जा पहुंचा था जो खतरे के निशान से एक मीटर 21 सेंटीमीटर ऊपर जा पहुंचा है। जलस्तर में वृद्धि होते रहने की संभावना जताई गई है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बाढ़ से कहलगांव प्रखंड के 26 गांवों के करीब सात हजार परिवारों के करीब 22317 लोग तथा 746 पशु प्रभावित हैं। सात जगहों पर सामुहिक रसोई का बंदोबस्त किया गया है। 110 परिवारों को पॉलिथिन उपलब्ध कराये गये हैं तो प्रभावित गांवों में सरकारी स्तर पर 38 नौकाएं उपलब्ध कराई गई है।
