भागलपुर : गुरुवार से लगातार चार दिनों तक पूर्व बिहार के छह जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होगी। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बारिश होने का कारण बंगाल की खाडी में हवा का निम्न दाब सघन होना तथा मानसून का सक्रिय हो जाना बताया जाता है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यह बारिश खेती किसानी के लिए वरदान साबित होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पूर्व बिहार के जिन जिलों में तेज बारिश होगी उसमें भागलपुर सहित बांका, मुंगेर, शेखपुर, लखीसराय एवं जमुई शामिल है।
बीएयू मौसम विभाग के नोडल पदाधिकारी प्रो. बीरेंद्र कुमार ने कहा कि सात जुलाई तक 85 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद है। इधर बुधवार को आसमान में बादल उमड़ते घूमड़ते रहे। दिन में जहां शहर के विभिन्न भागों में छिटपुट बारिश हुई वही देर रात बदरा जमकर बरसा। इस दौरान औसतन छह किलोमीटर की गति से उत्तरी-पूर्वी हवा भी चली। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश 35 और 25 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

भागलपुर : शहर के बदहाल ड्रेनेज सिस्टम की वजह से मोहल्ले की गलियों से लेकर मुख्य मागरे में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। अब जब मानसून की बारिश में सड़कें तालाब में तब्दील हो रही है तो निगम प्रशासन की नींद खुली है। बुधवार को मेयर सीमा साह ने नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा के साथ भोलानाथ रेलवे अंडर पास पथ का निरीक्षण किया।
इसके साथ बौंसी पुल और नाथनगर के रामपुर रेलवे अंडर पास पथ में जलजमाव के निदान का योजना शाखा प्रभारी आदित्य जायसवाल को निर्देश दिया। मेयर ने कहा इन तीनों अंडरपास में हल्की बारिश के बाद जलजमाव की समस्या बनी रहती है। निकास की व्यवस्था नहीं होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। भोलानाथ, बौंसी और रामपुर अंडरपास के समीप स्थायी तौर पर पं¨पग स्टेशन बनाया जाएगा। पंप सेट के माध्यम से अंडरपास पथ से पानी की निकासी की जाएगी। इसके संचालन के लिए एक कर्मी को प्रतिनियुक्त किया जाएगा। अंडरपास के समीप 10 फीट के आकार का चैंबर निर्माण गुरुवार से शुरू होगा। ताकि, गड्ढे में पानी जमा कर पंपसेट से पानी निकाला जा सके।

इस दौरान स्थानीय लोगों की मांग पर डिक्शन चौक से भोलानाथ पुल, इशाकचक से शीतला स्थान चौक तक नाला उड़ाही का नगर आयुक्त ने निर्देश दिया। इशाकचक मार्ग में कच्ची नाला होने की वजह से पानी निकासी की समस्या बनी रहती है। यहां पक्का नाला निर्माण की दिशा में कारगर कदम उठाने की मांग की गई। हालांकि इस मामले में निगम प्रशासन ने चुप्पी लगा ली। देर शाम सात बजे मेयर और नगर आयुक्त ने आधे घ्ांटे तक निरीक्षण कर वापस लौट गए। इस दौरान नगर निगम कर्मियों को जैन मंदिर मार्ग में पानी निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था का निर्देश दिया।

