बिहार के बेतिया में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद जमकर उपद्रव हुआ। गुस्साई भीड़ ने थाना और पुलिस गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस कर्मियों ने जान बचाने के लिए थाना छोड़कर खेतों में दौड़ लगा दी थी। उपद्रव में एक पुलिसकर्मी राम जतन सिंह की भी मौत हुई है। सिर को कुचल दिया गया है। हमले में 10 से अधिक जवान घायल हैं। चार घंटे बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने भीड़ को हटाने की कोशिश की। भीड़ ने दोबारा पथराव कर दिया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की। छह घंटे बाद भीड़ काबू हो सकी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, शनिवार दोपहर पुलिस एक व्यक्ति को गश्ती के दौरान डीजे बजाने पर थाने ले आई थी। पुलिस कस्टडी में ही युवक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने युवक को बट से पीटा, इसकी वजह से उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों के साथ हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने बलथर थाना घेर लिया।

थाने में तोड़फोड़ के बाद पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। थाने की 3 गाड़ियों को ग्रामीणों ने आग के हवाले कर दिया। थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों को पीटना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने जान बचाकर खेतों में दौड़ लगा दी। पीछे से उग्र भीड़ पत्थर फेंकती रही। वहीं, बलथर चौक पर एक पुलिस जीप में भी तोड़फोड़ कर दी।


होली पर बजा रहा था डीजे
परिजनों ने बताया कि शनिवार के दिन बलथर पुलिस गश्ती पर आई थी। यहां अनुरूद्ध यादव बलथर गांव में डीजे बजा रहे थे। पुलिस डीजे को जब्त कर अनुरूद्ध को गिरफ्तार कर थाने ले आई और जमकर थाने में पिटाई कर दी। पुलिस ने उसे बट से पीटा। पिटाई के बाद अनुरूद्ध की मौत हो गई।

अभी भी थाने के आसपास भीड़ जमा
आक्रोशित लोगों ने पूरे थाने में आग लगाकर तोड़फोड़ कर दी। वहीं, दौड़ा-दौड़ा कर पुलिस को पीटा। घटना के 4 घंटे बाद बेतिया एसपी सहित कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची है। लोगों को समझाकर वहां से हटाया गया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की।

दूसरे थाने में तैनात थे, यहां रहते थे
जिस हवलदार राम जतन सिंह की मौत हुई है वे पुरुषोत्तमपुर थाना में तैनात थे, लेकिन वहां रहने की व्यवस्था नहीं थी। इसलिए बगल के बलथर थाना में ही रहते थे। जब ग्रामीणों ने थाने पर हमला किया। वह मौजूद थे। बताया जाता है कि उग्र भीड़ ने उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई।
