नवगछिया : उफनाई कोसी में शुरू हुए कटाव से नदी में लोगों का आशियाना समाने का सिलसिला जारी है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजार रहे हैं। मंगलवार को पीएम आवास योजना की राशि से बने लक्ष्मण साह का घर भी कटाव की भेंट चढ़ गया। जिससे पीड़ित लक्ष्मण एकबार फिर से गृहविहिन हो गए। जबकि सुभाष सिंह,जवाहर सिंह समेत कई लोगों नदी किनारे स्थित दरवाजे व घर पुरी तरह से कटाव के जद में आ चुका है। जो किसी भी समय नदी में समा सकता है। इसके अलावा गांव के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। लोगों का मानना है कि अगर इस बीच तेज बारिश हुई तो पूरे गांव का अस्तित्व मिट जाएगा। इस बार अब तक कटाव से 19 लोग बेघर हो गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे भूखे-प्यासे जिंदगी जी रहें हैं। अबतक किसी ने सुध नहीं ली है। सोमवार से सामग्री व संसाधन के अभाव में विभाग द्वारा बंद किए गए बचाव कार्य दूसरे दिन मंगलवार को भी शुरू नहीं हो पाया इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। खरीक उत्तरी क्षेत्र के जिला पार्षद गौरव राय मंगलवार को सीओ एवं पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर कटाव पीड़ित परिवारों की परेशानी से अवगत कराया। उन्होंने मुआवजा राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यपालक अभियंता से पीड़ितों को चापाकल चापाकल देने व शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को कहा।


कटाव से सिंहकुंड में अब तक 19 अाैर कहारपुर में 10 परिवार हो चुके हैं बेघर
सीओ से मिले जिप सदस्य, पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की
सीआई ने 32 परिवारों की सूची तैयार की
किसानाें के खेतों में लगी फसल हो रही बर्बाद भीषण कटाव को देख बिहपुर के कहारपुर के लोग सुरक्षित स्थान पर कर रहे हैं पलायन

कोसी ने प्रखंड के कई किसानों को बना दिया मजदूर
दो साल से सिंहकुंड समेत कई गांवों के किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समा गया। इससे अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसान दूसरे के खेतों में मजदूरी करने को विवश हो गए। फूस की झोपड़ी बनाकर जीवन-यापन कर रहे हैं।
