नवगछिया : मॉनसून सिर पर.. दियारा दक्षिण पंचायत का संकट में है अस्तित्व, कटान जारी

नवगछिया : मॉनसून सिर पर है लेकिन गंगा के कटान को रोकने के लिए बोल्डर पीचिंग के काम की रफ्तार धीमी है। 15 करोड़ से 600 मीटर में यह काम रंगरा के तिनटंगा, दियारा (दक्षिण) पंचायत के ज्ञानीदास टोला में कराया जा रहा है। लेकिन अब तक यह काम महज 28% ही पूरा हो पाया है। पहले इस काम को पूरा करने का लक्ष्य 15 मई था। लेकिन मंत्रालय की ओर से कार्य की स्वीकृति में देरी से टेंडर में विलंब हो गया, जिससे कार्य पूर्ण करने की 30 मई कर दी गई। अब समस्या यह है कि झारखंड में पत्थर खनन पर रोक लगा दी गई है, जिससे बोल्डर उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है।

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उधर ग्रामीणों के पेशानी पर बल पड़ रहा हैं। उनका कहना है कि मॉनसून नजदीक है, जिससे इस साल भी बाढ़ से जानमाल की क्षति होनी तय है। हालांकि जल संसाधन विभाग 30 मई तक हर हाल में कार्य पूर्ण करने का दम भर रहा है। लेकिन कार्य की प्रगति देख 30 जून तक भी पूर्ण होने की संभावना नहीं दिख रही है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि झारखंड में पत्थर खनन पर रोक से बोल्डर मिलने में परेशानी आ रही है। जिसके चलते काम धीमी चल रही है। बहरहाल दो पंचायतों के लगभग 50000 की आबादी दहशत के साए में जीने को मजबूर है।

दियारा दक्षिण पंचायत का संकट में है अस्तित्व, कटान जारी

बीते वर्ष बाढ़ और कटाव की तीव्र गति को देख संभावना है कि इस वर्ष यही हाल रहा तो पंचायत कटाव की जद में आ जाएगा। अब तक पंचायत का 40% हिस्सा गंगा लील चुकी हैं। 60% हिस्सा मुहाने पर है। इससे झल्लू दास टोला, ज्ञानी दास टोला, कुतरू दास टोला, तिनटंगा दियारा (उत्तर) के सिमरिया, भीम दास टोला आदि पर संकट खड़ा हो सकता है।

ज्ञानीदास टोला कटाव की जद में हैं

महादलित व अल्पसंख्यक परिवार ज्ञानीदास टोला में कटान की भेंट चढ़े हैं वह अधिकांश भूमिहीन, महादलित व अल्पसंख्यक परिवार हैं। बेघर हुए इन पीड़ितों के लगभग 2 साल बीतने को हैं लेकिन प्रशासन अब तक इनके पुनर्वास के लिए ठोस कदम नहीं उठा पाया है। सांसद अजय मंडल के अलावा डीएम ने जायजा लिया गया था। पुनर्वास का आश्वासन मिला. लेकिन कुछ नहीं हुआ

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