नवगछिया के रंगरा प्रखंड अंतर्गत तीनटंगा दियरा के झल्लू दासटोला दुर्गा मंदिर मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन खाने के बाद बच्चे बीमार पड़ने लगे तो इसकी जानकारी परिजनों के साथ अभिभावकों को दी गई। तत्काल लोग बच्चों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बच्चों के बीमार पड़ने के बाद भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दे दिये गए हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक रामावतार पासवान ने बताया कि घटना की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दी गई है। मध्याह्न भोजन किस तरह से बनाया गया था हम लोग भी जांच कर रहे हैं। वहीं डॉ रंजन ने बताया कि बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए हैं। सभी को स्लाइन किया जा रहा है। सभी की हालत स्थिर है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक को निलंबित करने का दिया आदेश :
जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने घटना को लेकर प्रधानाध्यापक पर लापरवाही बरतने की बात बताते हुये उसे निलंबित करने का आदेश दिया।उनहुने कहा कि मामले की जांच होगी और जो भी दोषी पदाधिकारी होंगे उसे बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मध्याह्न भोजन बनाने और भोजन की गुणवत्ता का जांच करने का निर्देश मध्याह्न भोजन के डीपीओ को दिया।

ये बच्चे भोजन खाकर हुए बीमार :
मध्यान भोजन खाने से बीमार बच्चों में 5वी की अंजली कुमारी, सागर कुमार, साक्षी कुमारी, सोनी कुमारी, मेघा कुमारी, सिंधु कुमार, सुमन कुमार, राजकुमार, रिंकू कुमारी प्रमुख रूप से बीमार थी एक बच्चे को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन सभी बीमार बच्चों के बारे में बताया की सभी बच्चे खतरे से बाहर है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़ा चावल खिलाते है शिक्षक :
बच्चों के बीमार पड़ने के बाद उनके परिजन आक्रोशित हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चों की इस स्थिति के लिए प्रधानाध्यापक जिम्मेदार हैं। पंचायत के मुखिया गणेश मंडल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषी पदाधिकारी एवं शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई भी हो वही स्थानीय लोगों ने भी मांग किया कि अगर बच्चे के साथ कोई बड़ी हादसा हो जाता यह काफी चिंतनीय बात है। अविभावक आनिल मण्डल ने बताया कि स्कूल में बच्चों को सड़ा हुआ पिल्लू वाला चावल खिलाया जाता है। कई बार शिकायत की लेकिन कुछ नहीं होता है। वहीं सुनील मण्डल ने कहा कि शिक्षक लोग बढ़िया चावल बेचकर गंदा चावल बच्चों को खिलते हैं, जिससे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
