नवगछिया : हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नवगछिया के जय मंगल टोला में अंगिका दिवस समारोह पूर्वक ध्वनि वैज्ञानिक डॉ रमेश मोहन शर्मा आत्मविश्वास के संयोजकत्व में मनाया गया. इस अवसर पर कवियों और साहित्यकारों ने एक स्वर में अपनी आवाज को बुलंद करते हुए कहा कि उन्हें ना तो भी चाहिए और ना ही कर्ज़ चाहिए अंगिका को संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्जा दिया जाए यही उन लोगों की मांग है. इसके लिए एक नारा भी बुलंद किया गया ” नय भीख नय करजा, अंगिका के मिले’ दर्जा”. इस अवसर पर दो सत्रों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!– समारोह पूर्वक मनाया गया अंगिका दिवस
– दूर दराज के साहित्यकारों व कवियों ने किया शिरकत
प्रथम सत्र में विद्वानों ने अंगिका के वैज्ञानिक वर्तनी के प्रयोग पर अपना व्याख्यान दिया. मौके पर अंगिका के प्रथम ध्वनि वैज्ञानिक डॉक्टर रमेश मोहन शर्मा आत्मविश्वास ने अनुस्वार पर अपने शोध प्ररूप को रखा. सभी ध्वनियों का मौखिक दृष्टि से विवेचन किया गया. पूर्व वैदिककाल से तीन स्वरूप था. चौथा स्वरूप अनुस्वार है. डॉ आत्मविश्वास ने मौके पर ही अंगिका के वैज्ञानिक वर्तनी के प्रयोग पर बल दिया और इससे संदर्भित गूढ़ बातों को भी रखा.

प्रथम सत्र में ही सर्वप्रथम डॉक्टर रमेश मोहन शर्मा आत्मविश्वास, सीताराम सैदपुरी, इंदु भूषण मिश्र, मधु लक्ष्मी, डॉक्टर आर प्रवेश, जोगेश्वर जख्मी, सुरेश सूर्य, उमाकांत झा, रेणु ठाकुर, मीरा पाल, मीरा झा, उलूपी झा, विजेता मुग्दलपुरी, श्रवण बिहारी, गंगोत्री जागरण मंच के प्रांतीय अध्यक्ष गुलशन कुमार आदि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया. दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर लोगों को कभी हंसाया कभी रुलाया और कभी सोचने को मजबूर भी किया. इस अवसर पर मंच संचालन कवि श्रवण बिहारी कर रहे थे.
आयोजन को सफल बनाने में कवि श्रवण बिहारी, गंगोत्री जागरण मंच के अध्यक्ष गुलशन कुमार, हीरा प्रसाद हरेंद्र, नवीन कुंज, भोला कुमार, त्रिलोकीनाथ दिवाकर, राजेंद्र प्रसाद रवि, डॉ ब्रह्मदेव ब्रह्म, विनय दर्शन, श्याम नारायण तूफान, डॉक्टर अमर प्रसाद सिंह, डॉ अवध बिहारी आचार्य, रत्नेश शर्मा अंकज आदि अन्य भी थे.
