नवगछिया । मुक्तनगर ढोलबज्जा में संत मुक्त स्वरूप देव साहब के 110 वें जन्मोत्सव पर चार दिवसीय विश्व कल्याण चेतना लोक कल्याण तपस्वी संत शक्ति आदर्श आचार संहिता संज्ञान महासम्मेलन के दूसरे दिन कई कार्यक्रम हुए। संत योगेश ज्ञान स्वरूप तपस्वी ने संत मुक्त स्वरूप देव साहब की जीवनी के बारे में कहा कि उन्होंने मानव समाज के कल्याण के लिए बिहार के तीन जिलों के सीमावर्ती क्षेत्र के कल्याणार्थ पूर्णिया जिला के मुक्तधाम में मानव सेवाश्रम और भागलपुर जिले के ढोलबज्जा में संत मुक्त विद्यालय की स्थापना कर कोसी क्षेत्र के लोगों को मानवता, शिष्टाचार और लोक कल्याण का पाठ पढ़ाया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसीलिए संत मुक्त स्वरूप देव साहब का जीवन मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। साथ ही विजय घाट कोसी नदी पर पुल बनाने के कोसी नदी पर कई महीनों तक उनके आमरण अनशन करने जेल में डलवाकर तपस्या में बाधा उत्पन्न किया। लेकिन मैंने जेल में भी आमरण अनशन जारी रखा। जिससे सरकारी तंत्र को मुझे जेल से निकलना पड़ा।
मौके पर ढोलबज्जा थानाध्यक्ष प्रभात कुमार, ढोलबज्जा के पूर्व मुखिया राजकुमार मुन्ना, ढोलबज्जा सरपंच सुशांत कुमार, जदयू प्रदेश सचिव प्रशांत कन्हैया, विकाश भारती, खंतर मंडल, संजीत कुमार, बुलेट कुमार, चौसा प्रखंड के अरजपुर भिट्ठा के पंचायत समिति सदस्य मिथिलेश कुमार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अनिल मंडल समेत दर्जनों कार्यकर्ता महोत्सव को सफल बनाने में लगे हुए थे।














