नवगछिया : भादो पूर्णिमा के मौके पर रविवार को गंगा स्नान करने गई तीन सगी और एक चचेरी बहन में से दो की डूबने से मौत हो गई। घटना के दौरान पास से गुजर रहे ई रिक्शा चालक ने दो बहनों को किसी तरह बचा तो लिया लेकिन दो लापता हो गई। सोमवार को दोनों का शव घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर उनका शव गंगा में मिला। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह 10:45 बजे हादसा हुआ था। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी।
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सूचना के बाद मौके पर पुलिस टीम पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी अंचल अधिकारी को सूचना के बाद अंचलाधिकारी ने अपने दो कर्मचारी सौरभ गोस्वामी और अमित कुमार को मौके पर भेजा। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। लेकिन घटना के चार घंटे बाद पहुंची एसडीआरएफ टीम ने शाम के 5 से खोजबीन शुरू की। फिर 2 घंटे बाद यानी शाम 7 बजे के बाद अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू को रोक दिया गया।
सोमवार सुबह 7 बजे से एसडीआरएफ टीम ने खोज भी शुरू की, जिसके बाद घटनास्थल से 50 मीटर दूर गंगा के किनारे बांध के पास मिला। दोनों मृतका की पहचान नवटोलिया के रहने वाले वीरेंद्र कुमार की 16 साल की बेटी वर्षा कुमारी और 8 साल की परी कुमारी के रूप में की गई है।

बड़ी और छोटी बहनों की डूबने से मौत, मंझली बची की बची जान
मृतका के पिता गुजरात के कच्छ में एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं। मृतका तीन बहनें थी, जिसमें बड़ी और छोटी की डूबने से मौत हो गई, जबकि मंझली को बचा लिया गया। मृत बच्चियों के पड़ोसी सुनील ने बताया कि गंगा नजदीक होने के कारण लोग नहाने जाते हैं। तीनों बच्चियां जब घर से नहाने निकली, तो किसी को कुछ नहीं बताया और चुपके से रविवार सुबह गंगा में नहाने चली गईं थीं।
उधर, मृत बच्चियों के चाचा ने बताया कि नदी किनारे जब भीड़ जुटने लगी और शोर होने लगा, तो हम लोग मौके पर पहुंचे, पता चला कि मेरी ही तीन भतीजियां नदी में डूब गई हैं। तीनों बच्चियों के कपड़े और चप्पल गंगा के किनारे रखा हुआ था।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य के प्रतिनिधि रणधीर मंडल ने बताया कि वर्षा और उसकी मौसेरी बहन निशु कुमारी गंगा स्नान कर रही थी। इसी दौरान वर्षा की छोटी बहन परी कुमारी डूबने लगी। परी को डूबता देख वर्षा आगे बढ़ी तो वो भी डूबने लगी। वर्षा और परी को बचाने के लिए रिया और निशु भी गहरे पानी में चली गईं और चारों बच्चियां डूबने लगीं।
इसी दौरान, घटनास्थल के पास से गुजर रहे दुधौला के रहने वाले 35 साल के सिलधार मंडल और अमित कुमार ने गंगा में छलांग लगा दी। उन्होंने रिया और निशु को बचा लिया लेकिन वर्षा और परी को बचाने में असफल रहे। बच्चियों को बचाने वाले दोनों लोग पेशे से ई-रिक्शा चालक हैं। सिलधार और अमित ने बताया कि हम दोनों बाकी दो बच्चियों को नहीं बचा सके।
वहीं, घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। फिर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।













