नवगछिया में कौशल्या मेला के दौरान दंगल का फाइनल मुकाबला हुआ और मां कौशकी कौशल्या की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। मेले में हवन पूजन किया गया और पहलवानों ने मुकाबले में अपनी कला दिखाई। कटिहार के राजन और नवगछिया के रंजीत संयुक्त रूप से विजेता बने, साथ ही छोटू पहलवान ने भी जीत हासिल की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संध्या में महाआरती के बाद भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। मेला कमेटी ने मां कौशल्या की प्रतिमा का विसर्जन किया, जिससे तीन दिवसीय मेला समाप्त हुआ।
आस-पास के लोगों ने कुश्ती को स्मृति और एकाग्रता सुधारने का तरीका बताया। प्रो शिव कुमार ने कहा कि मां कौशल्या की पूजा कई वर्षों से की जा रही है, और लोगों की आस्था बाढ़ और कटाव के बावजूद अटूट है। मेला में कई प्रमुख लोग श्री सद्गुरु साईंनाथ सेवा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शुभम यादव, प्रो शिव कुमार, भुदेव यादव, मुखिया प्रतिनिधि दिवाकर सिंह, विनोद सिंह, प्रवीण यादव, विकास यादव, प्रमोद यादव, छेदी यादव. विरेंद्र गुरुभाई समेत अन्य मौजूद थे

