ढोलबज्जा: नवगछिया अनुमंडल के कदवा दियारा पंचायत अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति काफी दयनीय होती जा रही है. जहां चिकित्सकों को नहीं रहने के कारण अस्पताल में स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. अस्पताल में मरीजों की इलाज या किसी भी प्रकार की देखभाल तो नहीं होती है लेकिन, मवेशियों का बसेरा बन कर रह गया है. ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत मिलने पर जब प्रभात खबर की टीम अस्पताल पहुंचे तो वहां के स्थानीय कब्जाधारियों ने अस्पताल के मुख्य दफ्तर यानी बरामदे पर खाट (चारपाई) लगाकर बैठा था. जहां अस्पताल के कमरे से सटे बाहर दो गाय व दो भैंस में एक बच्चा खूंटे से बांधे हुए थे.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अस्पताल के चारों तरफ मवेशियों के मल-मूत्र व गोबर के उपले फैले थे. चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त देखा गया. जहां एक किशोर अस्पताल के छत पर बैठा था तो दुसरा घूम रहा था. मौजूद कब्जाधारियों से पूछने पर बताया- यहां डाक्टर कभी-कभी सिर्फ टीकाकरण के दौरान हीं आते हैं. इसलिए अपना गाय-भैंस रखे हैं. वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने नाम बताने से इंकार करते हुए कहा कि- यहां के जो भी स्वास्थ्य कर्मियों हैं वह अस्पताल आए बिना अपने घर पर हीं काम करते हैं.

उधर प्रतापनगर कदवा के जमीन दाता इन्द्रदेव सिंह कुशवाहा के उत्तराधिकारियों का कहना है कि- मेरे पूर्वजों ने इलाके के लोगों के स्वास्थ्य लाभ के लिए जमीन दान दिया है. जो बदहाल बना हुआ है. संबंधित विभाग यदि यहां की सुदृढ़ विधि-व्यवस्था नहीं करते हैं तो सरकार को जमीन वापसी की मांग को लेकर लिखा जायेगा.
वहीं पंचायत के मुखिया अशोक सिंह, सरपंच सिराज साह, व जदयू नेता विजय राय, छात्र जदयू जिलाध्यक्ष नवीन कुमार निश्चल व उमाकांत राय के साथ अन्य गणमान्य लोगों ने संबंधित पदाधिकारियों से अस्पताल में विधि-व्यवस्था ठीक कराने एवं प्रतिदिन वहां चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवा चालू करने की मांग किया है. उक्त बातों को लेकर नवगछिया पीएचसी प्रभारी डॉ वरुण कुमार ने बताया कि- डाक्टर की कमी हर जगह है. वहां एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं को रहना चाहिए. वहां के जो भी किसान अवैध रूप से अस्पताल पर कब्जा जमाए हुए हैं उसे जल्द हटाकर वहां की व्यवस्था सुदृढ़ किया जायेगा.
