नवगछिया । नवगछिया के रंगरा प्रखंड के भीमदास टोला उसरहिया गांव में गुरुवार दो दोपहर भीषण आग लगने से लगभग दो सौ घर जलकर राख हो गये। आग लगने के बाद आसपास के लोगों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया लेकिन तेज हवा के कारण आग की लपटें इतनी तेजी से उठने लगीं कि लोग आग बुझाने में असमर्थ हो रहे थे। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं। हवा में आग की चिंगारी दूर जाकर गिर रही थी। जहां चिंगारी गिरती थी उसी घर में आग लग जाती थी। बाद में ग्रामीणों ने घंटों मशक्क्त और चार-चार दमकल की गाड़ी आने के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तबतक सबकुछ जलकर राख हो गया था। उधर, रंगरा प्रखंड के भीमदास टोला में भी आग लगने से 15 घर जल गये। घटना गुरुवार के दोपहर की बतायी जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटनास्थल पर मौजूद मुखिया गणेशी प्रसाद मंडल ने बताया कि तेज पहिया हवा चलने के कारण देखते ही देखते दो सौ से अधिक घर जलकर राख हो गये। चार छोटी-बड़ी अग्निशमन की गाड़ियों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था। पीड़ितों ने बताया कि घर में रखा नगदी, अनाज, कपड़ा, साइकिल, बाइक, बकरी वगैरह सब कुछ जल गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि सब कुछ देखते देखते भस्म हो गया। गांव में किराना दुकान भी जल कर राख हो गया। कुछ ग्रामीणों के घर में रखे रसोई गैस सिलेंडर के फटने से अफरातफरी मच गयी। समाचार लिखे जाने तक जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन घटनास्थल पर तीन -चार एंबुलेंस रखी गयी है। रंगरा पुलिस विधि व्यवस्था बनाये रखने में मुस्तैद दिखी। ग्रामीण राजकुमार रजक, बडी संख्या में आसपास के युवाओ के साथ आग पर काबू पाने के कार्य करते देखे गये। आग लगने के कारण के बारे में ग्रामीण कुछ भी नहीं बता पाये।
महिलाओं की चीत्कार से गंगा किनारा गूंजा
आग में अपना सबकुछ गंवा चुकी महिलाओं के रुंदन से गांव का माहौल गमगीन हो गया। महिलाएं जले हुए कागजात, रुपये, गहने हाथ में लेकर छाती पीटकर रो रही थीं। घटना की सूचना पर जदयू जिलाध्यक्ष त्रिपुरारी भारती, आशीष मंडल सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने अग्निपीड़ितों की मदद की। जानकारी के अनुसार राजस्व कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचकर क्षति का आकलन कर पीड़ित परिवारों की सूची बनाने के कार्य में जुट गये हैं, ताकि पीड़ित परिवारों को सरकार द्वारा मिलने वाली अनुग्रह राशि का चेक मिल सके। भोजन व आवास फिलहाल सबसे बड़ी समस्या उसरहिया के ग्रामीणों के समक्ष खड़ी हो गयी है।

गांव में हर जगह राख ही राख आ रहा नजर
नवगछिया। तिनटंगा दियारा दक्षिणी पंचायत के उसरहिया गांव में भीषण आग लगने के बाद अग्निपीड़ित परिवारों की स्थिति काफी खराब हो गई है। खासकर छोटे-छोटे बच्चे एवं महिलाएं राख में अपनी जिंदगी खोज रहे हैं। इस भीषण आगजनी में अपना सब कुछ गंवा चुके पीड़ित परिवार अपने निरीह आंखों से खुले आसमान को निहार रहे हैं। हर जगह राख ही राख नजर आ रहा है। बच्चे भूख से दूध के लिए बिलबिला रहे हैं तो वृद्ध और महिलाएं रोटी के बिना भूखे पेट सोने को विवश हैं।
गांव में चारों ओर रोते बिलखते बूढ़े बच्चों की सिर्फ दर्द भरी आवाज सुनाई दे रही है। बताया जा रहा है कि अभी वर्तमान समय में किसानों के मक्के की फसल की तैयारी का समय है। लगभग दर्जनों किसानों ने अपनी फसल को खलिहान से लाकर घर पर रखा था। दर्जनों किसानों की हजारों क्विंटल तैयार मक्के की फसल भी आगजनी में जलकर राख हो गयी। इस प्रकार गांव के आम लोगों के साथ-साथ किसान एवं पीड़ित परिवार प्रकृति की दोहरी मार झेलने को विवश हैं।
कोट
दोनों टोला में आग लगने से लगभग डेढ़ सौ घर जलने का अनुमान है। पीड़ित परिवारों के लिए प्रशासन समुचित व्यवस्था करने में लगा है। आगजनी में कितने घर जले हैं, इसका आकलन किया जा रहा है। जल्द ही पीड़ित परिवारों को भोजन, दवा, पानी एवं सहायता राशि प्रदान की जाएगी। –अनू भारती, बीडीओ, रंगरा प्रखंड
