नवगछिया :अस्पताल का जर्जर ओपीडी भवन किसी भी समय बन सकता है दुर्घटना का कारण

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नवगछिया । नवगछिया सहित आसपास के सीमावर्ती जिला के मरीजों और घायलों का इलाज करने वाले नवगछिया अनुमंडल अस्पताल का ओपीडी भवन पूरी तरह जर्जर होकर गिरने के कगार पर है, जिससे किसी भी समय कोई भी बड़ी घटना घट सकती है। दो मंजिला ओपीडी भवन में ओपीडी के अलावा एक्स-रे, डेंटल, आयुष्मान भारत, रजिस्ट्रेशन काउंटर एमसीडी, लैब, आईसीटीसी, मेल ओपीडी, फीमेल ओपीडी और दवा स्टोर है। ओपीडी,पंजीयन कक्ष और जांच घर के सामने हर समय कतार में मरीज की भीड़ लगी रहती है । अस्पताल के निरीक्षण के दौरान आरडीडी डॉ. अविनाश चौधरी ने कहा था कि ओपीडी भवन मरम्मत करने के योग्य नहीं है।

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चिकित्सकों का टोटा

अस्पताल में 12 चिकित्सकों में से एक चिकित्सक छुट्टी पर हैं, जबकि एक चिकित्सक की न्यायालय में ड्यूटी लगी हुई है। 10 बचे चिकित्सकों में तीन महिला चिकित्सक, दो डेंटल, और पांच पुरुष चिकित्सक हैं।

इन चिकित्सकों की कमी

अनुमंडल अस्पताल में में चिकित्सकों की कमी है। अनुमंडल अस्पताल में ऑर्थोपेडिक्स, एनेस्थेटिक, बच्चों का डॉक्टर, सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, एक्स-रे का अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सकों की कमी है।

ओपीडी भवन बनवाने और चिकित्सकों की मांग

अनुमंडल अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक रमन कुमार ने बताया कि विभाग को लिखकर ओपीडी भवन बनवाने और चिकित्सकों की मांग की है।
स्थानीय विधायक गोपाल मंडल ने भी स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर चिकित्सकों की पदस्थापना और ओपीडी भवन बनवाने की मांग करने का आश्वासन दिया है।

मरीजों का होता है आर्थिक दोहन : चिकित्सक और स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल के बाहर चल रहे अल्टरासाउंड, सहित अन्य से जांच सेंटर मरीजों का आर्थिक दोहन करते हैं।