गंभीर मरीज के परिजनों को एयर एंबुलेंस के लिए अब पटना एयरपोर्ट पर भटकने की जरूरत नहीं है। पटना एयरपोर्ट से पहली बार एयर एंबुलेंस की सुविधा शुरू हो गई है। पटना एयरपोर्ट पर गुरुवार को एयर एंबुलेंस की सुविधा देने के लिए काउंटर खुल गया। दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य शहरों के बड़े हवाई अड्डे पर इस तरह का काउंटर नहीं है, जहां से मरीज के परिजन सीधे एयर एंबुलेंस बुक कर सकें। पटना एयरपोर्ट पर इस तरह का यह देश का पहला काउंटर है। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इसका उद्घाटन किया। पटना से दिल्ली का किराया 4.80 लाख और कोलकाता का 7.50 लाख होगा। फ्लाइंग टाइम अधिक होने से कोलकाता या किसी शहर का चार्ज दिल्ली से अधिक होगा। एयर एंबुलेंस दिल्ली से ही उड़कर पटना पहुंचेगा और यहां से फिर मरीज को लेकर दूसरे शहर जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कोलकाता का किराया 7.50 लाख, अगले माह से गया मेंे भी खुल जाएगा काउंटर
सूचना देने के बाद सारी प्रक्रिया पूरी होने के छह घंटे में मरीज को पटना से दिल्ली के किसी भी अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। बिहार के दूसरे जिले के मरीजों को भी यह सुविधा मिलेगी। मरीज का ट्रांसफर बेड टू बेड होगा यानी मरीज को एयर एंबुलेंस संचालक अंशु अमन की टीम अस्पताल से एंबुलेंस से लेने के बाद पटना एयरपोर्ट लाएगी फिर उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली एयरपोर्ट ले जाने के बाद वहां के अस्पताल में पहुंचा देगी। अंशु ने बताया कि अगले माह गया से भी यह सुविधा शुरू होगी। वहां भी काउंटर खोला जाएगा।


मरीज के साथ 2 परिजन और डॉक्टर की टीम भी
एयर एंबुलेंस से मरीज के अलावा उनके दो परिजन साथ जाएंगे। उसमें एंबुलेंस संचालक की डॉक्टरों की टीम रहेगी जो उन्हें साथ ले जाएगी। एंबुलेंस में सभी जरूरी मेडिकल उपकरण लगे हुए हैं। पटना से दिल्ली जाने में एयर एंबुलेंस का सफर करीब दो घंटे का होगा। अंशु ने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर पार्किंग नहीं मिली है। पार्किंग मिल जाने के बाद एक एयर एंबुलेंस चौबीसों घंटे स्टैंडबाई में रहेगा।
ये होगी प्रक्रिया, बेड टू बेड शिफ्ट होंगे मरीज
मरीज के परिजन को पहले काउंटर पर सूचना देनी होगी। मरीज को जहां से रेफर किया गया है, उसका कागज देना होगा। कहां ले जाना है और किस बीमारी से ग्रसित हैं, यह बताना हाेगा। इसके बाद दिल्ली के डॉक्टरों की टीम संबंधित अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज के डॉक्टरों से फोन पर बात करेगी। इसके बाद परिजन को रकम जमा करनी होगी। फिर दिल्ली से एंबुलेंस पटना आएगा और फिर मरीज को लेकर रवाना होगा। अंशु अमन ने बताया कि हमारा वीएसएल ग्रुप से कॉट्रेक्ट है। इस ग्रुप के पास सात एयर एंबुलेंस है।
अब तक क्या थी स्थिति | अब तक पटना एयरपोर्ट से इस तरह की सुविधा नहीं थी। पटना से लेकर दिल्ली तक उन्हें परेशान होना पड़ता था। इंटरनेट से वे एयर एंबुलेंस संचालकों से संपर्क करते थे। इसमें कुछ लोग बिचौलिए का भी काम करते थे।

