सर्दी का सितम जारी है। पिछले दस वर्षों में यह पहला मौका है जब लगातार 15 दिनों से ठंड ने परेशान कर रखा है। अब तक 28-29 दिसंबर के बाद ही कड़ाके की ठंड पड़ती रही है, लेकिन इस बार 16 दिसंबर से ही अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया। कोल्ड डे (अधिक ठंड) की स्थिति तो लगातार दस दिनों से बनी हुई है। गया और पटना में तो रिकॉर्डतोड़ ठंड से जन-जीवन बेहाल हो गया है। सोमवार को गया का पारा 2.4 डिग्री पर पहुंच गया। यह 1961 के बाद से दिसंबर में सबसे कम तापमान है। यानी 58 वर्षों को रिकॉर्ड टूटा है। एक जनवरी तक ठंड की कमोबेश यही स्थिति रहेगी। इसके बाद पारा थोड़ा चढ़ेगा, लेकिन पांच से फिर तापमान नीचे जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मौसम विभाग के अनुसार इस बार दिसंबर के मध्य में ही देश के पश्चिमी हिस्से में दो पश्चिमी विक्षोभ अधिक सक्रिय रहे। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल सहित पश्चिम के राज्यों में जमकर बर्फबारी हुई, इससे उधर से आने वाली हवा ने बिहार में प्रभावित किया। पिछले दस वर्षों की बात करें तो पटना में केवल 2014 को छोड़कर दिसंबर में अधिकतम तापमान 17 और निम्नतम 8 डिग्री के ऊपर ही रहे। लेकिन इस बार 14 और 4.5 डिग्री तक पहुंच गया है।

एक से थोड़ा बढ़ेगा तापमान, 5 से फिर घटेगा
एक पश्चिमी विक्षोभ 31 की रात से बिहार के ऊपर से गुजरने वाला है, इस कारण तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी। साथ ही एक जनवरी की रात से बिहार के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। इसका प्रभाव 4 जनवरी तक रहेगा। इसका प्रभाव खत्म होते ही 5 जनवरी से फिर कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मंगलवार को हवा का रुख भी बदलेगा और यह पुरवाई हो जाएगी। अभी पछुआ चल रही है, जो अपने साथ ठंड ला रही है।
गया, भागलपुर में चली शीतलहर
सोमवार को गया, भागलपुर सहित राज्य के कुछ हिस्सों में शीतलहर चली। वहीं पटना, पूर्णिया सहित कई हिस्सों में सीवियर कोल्ड डे (अत्यधिक ठंड) की स्थिति रही। मंगलवार को भी मौसम ऐसा ही रहेगा।
