बिहपुर – शब-ए-बरात इबादत की रात होती है ! इस हसीन रात का सभी मुसलमानो को एहतराम करना चाहिए ! इस रात को मुसलमान अपने परिवार व पूर्वजो के लिए खुदा से मगफिरत की दुआ माँगते है
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उक्त बाते बिहपुर के खानका -ए- आलिया कादिरिया फरीदिया मोहब्बतिया के सज्जादानशी हजरत मो0 अली कौनैन खाँ फरीदी एबं नायब सज्जादानशी हजरत मौलाना मो0 अली शब्बर खाँ फरीदी ने खानका मे शब-ए बरात के बारे मे बताया कि इस रात को मस्जिदों , खानकाहो , मजार शरीफ व घरो मे तिलावते कुरान शरीफ करे और नफल की नमाज अदा करे ! साथ ही अपने पूर्वजो के नाम नियाज फातिहा खानी कराए! उन्होंने कहा खुदा के रसूल पैगबर मोहम्मद मुस्तफा सललाहो बसललम ने इस रात को इबादत की रात बताया ! यह रात दुआओ के कबूल होने की रात है ! हदीश -ए- करीमा मे इस रात की बहुत बङी फजीलत आई है यह महिना व रात बहुत ही बरकत व अजमत बाला है प्यारे मुस्तफा सललाहो बसललम ने फरमाया है कि सावान मेरा महिना व रमजान अल्लाह ताला का महिना है पैगमबर मोहम्मद मुस्तफा सललाहो बसललम ईस महिने मे अक्सर रोजा रखते थे सज्जादा नशी व नायब सज्जादानशी ने कहाकि ईस रात मे इबादत करने से साल भर का गुनाह माफ कर दिया जाता है इस रात की 15 वी की रात जिसे पुरी दुनिया शब -ए -बरात के नाम से जानती है इस रात को जिंदगी की सफायत व बखसीश व आजादी की रात भी कहा जाता है शब- ए-बरात 11 मई को मनाई जायेगी


