ढोलबज्जा : 21 अगस्त को कद्दावर चौसा थाना के सीमांत क्षेत्र में कैद खैरपुर कदवा निवासी विकास शर्मा के पुत्र मनीष कुमार उर्फ सत्यम कुमार की मौत सड़क हादसे में हो जाने के बाद ग्रामीणों द्वारा विरोध में किए गए सड़क जाम और तोड़फोड़ मामले की प्राथमिकी में निर्दोष लोगों का नाम दिए जाने पर खैरपुर कदवा के बड़ी संख्या में लोगों ने चौसा थाना पुलिस का विरोध किया है और कहां है कि अगर निर्दोष लोगों का नाम प्राथमिकी से नहीं हटाया गया तो वह लोग चरणबद्ध आंदोलन करेंगे.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीण स्तर से जानकारी दी गई है कि खैरपुर कदवा खलीफा टोला के राकेश कुमार, संतोष कुमार, जुगेश कुमार, उदेश कुमार, चंदेश्वरी यादव और बाबू साहब यादव को बेकसूर ही फंसा दिया गया है जब कि यह लोग उस दिन घटना के बाद मौके पर मौजूद भी नहीं थे. ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों का नाम फसाया गया अगर वह लोग जामिया तोड़फोड़ में रहते तो उन लोगों को कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन वैसे लोगों का नाम इस प्राथमिकी में डाला गया,


जिसका दूर-दूर तक घटना से कोई लेना देना नहीं है. ग्रामीणों का आरोप है कि चौसा पुलिस ग्रामीण राजनीति से प्रेरित होकर निर्दोष और बेकसूर लड़के को प्राथमिकी में फंसा उनका भविष्य बर्बाद करने की मंशा में है. इस बाबत ग्रामीणों ने उदाकिशुनगंज मधेपुरा जिला के एसडीपीओ को भी लिखित आवेदन देकर निर्दोष लोगों को प्राथमिकी से मुक्त करने की मांग की है अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. इधर चौसा के थानाध्यक्ष ने इस मामले पर बताया कि अगर इस तरह की बात है तो ऐसे लोग थाने पर आकर प्रत्यक्ष रुप से अपनी बात रख सकते हैं. विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी.
