ढोलबज्जा: पक्षी अवलोकन दिवस के अवसर पर, रविवार के दिन गरुड़ के प्रजनन स्थल का भ्रमण करने भागलपुर से कदवा पहुंचे स्कूली छात्र छात्राएं. जहां टीएनबी कॉलेज के 20 डिवाइन हैप्पी स्कूल के करीब 50 छात्र छात्राएं शामिल थी. सभी छात्र पक्षी विशेषज्ञ सह जंतु विज्ञान के प्रोफ़ेसर डीएन चौधरी व शारदा पाठशाला कहलगांव के जीव विज्ञान शिक्षक गरुड़ एक्सपर्ट जयनंदन मंडल के नेतृत्व में कोसी दियारा कदवा गांव के बगड़ी टोला, काशीपुर, गंगानगर, मध्य विद्यालय खैरपुर कदवा व बाबा विशु राउत पुल के उत्तरी छोड़ समीप पश्चिम दिशा में स्थित बरगद पेड़ तक जाकर प्रजनन स्थलों का भ्रमण कर, गरुड़ों के घोंसले तथा बच्चों का अध्ययन किया. जिसे देख सभी छात्र छात्राएं काफी उत्साहित थे. वहीं जंतु विज्ञान के कुछ छात्रों ने इनका वैज्ञानिक अध्ययन भी किया. साथ ही श्री चौधरी तथा उनके सहायक श्री मंडल ने गरुडों के आवास स्थलीय पेड़ों, बच्चों तथा पर्यावरण में इनकी भूमिका का विस्तार से दर्पण किया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डॉक्टर डीएन चौधरी ने बताया कि बड़े गरुडों के कारण ही कदवा दियारा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हो रहा है तथा दूर देश के यहां पक्षी वैज्ञानिक व शोध छात्र पहुंच रहे हैं. जयनंदन मंडल ने बताया इस बार बगड़ी टोला में दूसरी प्रजाति के पौनटेड स्टार्क गरुड़ ने भी घोंसले बनाए हैं. जो सिर्फ यही है. उनसे पूछे जाने पर बताया कि पूरी दुनिया में गरुडों की संख्या करीब 700 के आसपास बचे थे. जो पहले कंबोडिया व असम में प्रजनन किया करती थी.

लेकिन पिछले 2006 ईस्वी से कदवा कोसी दियारा में मात्र 16 घोसले थे जो अब बढ़कर 125 तक पहुंच चुकी है. अभी पूरी दुनिया में करीब 1400 गरुडों में से 750 गरुड़ कोसी दियारा कदवा में ही है. सुंदरवन भागलपुर मैं 11 अस्वस्थ गरुड़ों में से 5 गरुड़ स्वस्थ होकर उड़ने लायक हो गए हैं. जिसे उड़ाने की जरूरत है.
लेकिन वन विभाग की लापरवाही से उसे नहीं उड़ाया जा रहा है. भ्रमण पर आए पूरी टीम ने यहां के ग्रामीणों को धन्यवाद ज्ञापन दिया कि इन लोगों के सहयोग से ही बड़े गरुडों की संख्या कदवा दियारा में तेजी से बढ़ रहा है. मौके पर डिवाइन हैप्पी स्कूल के प्रिंसिपल डॉक्टर जी के कुंवर व अनीता कुंवर, डॉ नगीना राय, अनमोल साह व मृत्युंजय राय के साथ अन्य लोग उपस्थित थे.
