भागलपुर : युवा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने नियम 377 के तहत लोकसभा में उठाते हुए कहा केंद्र सरकार द्वारा संपोषित “साक्षर भारत योजना” 15 वर्ष से 35 वर्ष के लोगो को साक्षर बनाने के लिए प्रारंभ की गयी थी लेकिन योजना का उदेश्य पूर्ण होने से पहले ही सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना को बंद कर दिया गया है |
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुरे देश में बिहार राज्य आज भी साक्षरता क्रम में राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है जिसे विकसित ,उन्नत करने हेतु अभी निरंतर प्रयास जारी रखे जाने की आवश्यकता है | इस दिशा में केंद्र प्रायोजित साक्षर भारत मिशन तथा राज्य प्रायोजित उत्थान केंद्र उन्नयन केंद्र एवं अक्षर आँचल योजनओं के सम्मिलित तौर पर सकारात्मक प्रयास शामिल है ,जिसमे प्रेरकों तथा समन्वयकों की भूमिका सर्वोपरि रही है |

किन्तु खेद का विषय है कि केंद्र सरकार द्वारा साक्षर भारत योजना का बिहार में विस्तारीकरण नहीं किया गया है जिससे लगभग 19,000 प्रेरकों तथा समन्वयकों का भविष्य बेरोजगारी के गर्त में समा गया है| इस पड़ाव पर इन्हें शिक्षण कार्य के अलावा अन्य कोई रोजगार मिल पाना संभव नहीं है तथा इन सभी प्रेरकों तथा समन्वयकों के परिवार के समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है |
श्री सांसद ने राज्यहित एवं जनहित में सदन के माध्यम से भारत सरकार से अनुरोध किया है कि साक्षर भारत योजना के तहत कार्य कर रहे तथा बेरोजगार हो चुके 19000 प्रेरकों तथा समन्वयकों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पुनः साक्षर भारत योजना को लागू करने का कार्य करे | उक्त जानकारी युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी अरुण कुमार यादव ने दिया।

