रमजान मे खुल जाते हैं जनंत के दरवाजे – सज्जादा नशीं

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बिहपुर: पवित्र माह -ए – रमजानुल मुबारक का आगाज हो गया है मुसलमान इस माह मे तीस दिनो तक रोजा (उपवास ) रखकर अल्लाह ताला की इबादत मे दिन रात मसगुल रहेगें !बिहपुर के खानका -ए -आलिया कादिरिया फरीदिया मोहबबतिया सज्जादा नशीं हजरत अली कौनैन खॉ फरीदी एवं नायव सज्जादा नशीं हजरत मौलाना अली शबबर खाँ फरीदी ने कहा कि रमजानुल मुबारक का पहला असरा रहमत ,दुसरा असरा मगफेरत, तीसरा असरा जहनुम से निजात (छुटकारा) दिलाने का है

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इस्लाम को मानने बाले मुसलमानों के लिए रमजान इसलिए भी महत्वपूर्ण हैकि कयोंकि इसी महीने में कुरान शरीफ नाजिल हुआ था इस महिने मे दोज़ख के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं और जनंत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं रोजा के दौरान इंसान को झूठ बोलना, लडाई करना या कराना, चुगली करना व गाली गलोज करना मना है रोजे के दौरान भूख प्यास का एहसास हमें गरीब भूखे असहायो की मदद करने की सीख देता है ऐसा करने से प्रेम भाई चारे का वातावरण बनता है उनहोने कहाकि माहे रमजान की बेशुमार फजिलतै है सभी मस्जिदे मे तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है आगे फरीदी ने कहा कि इस महीने का कदर करै, खूब खुदा की इबादत करे व कुरान शरीफ की तिलावत करे! इस माह की खास इवादत नमाजे तरावीह है!