भागलपुर: एसएसएल रिपोर्ट में खुलासा रिपोर्ट में तीन जगहों पर मिले खून के धब्बे से बढ़ा संदेह पत्नी प्रियंका के बयान पर अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज हवाई अड्डे पर स्कार्पियों में दवा मिला था शव डीआईजी वैभव ने एफआईआर दर्ज का दिया निर्देश भागलपुर (व.सं.)।
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फोरेंसिक लेबोरेटरी आफ साइंस (एफएसएल) की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी विकास वैभव ने सोमवार तिलकामांझी के थानेदार रहे विजय चंद्र शर्मा के मौत को हत्या का मामला मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। विजय चंद्र शर्मा की पत्नी प्रियंका कुमारी के बयान पर देर शाम अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एफसीएल रिपोर्ट में दारोगा के खून के धब्बे वारदात स्थल पर तीन जगहों पर बिखरे मिलने की पुष्टि की गई थी। हवाई अड्डे पर हुई थी हत्या गौरतलब है कि तिलकामांझी के थानेदार की हत्या अपराधियों ने 19 मार्च की रात हवाई अड्डे में कर दी थी। हालांकि पुलिस ने इसे हत्या नहीं सड़क दुर्घटना माना था। विजय की पत्नी ने इसे हत्या बता जांच की मांग की थी। हत्या की रात विजयचंद्र शर्मा थाने से निजी स्कार्पियों से जीरो माइल स्थित डेरा के लिए निकले थे लेकिन डेरा नहीं पहुंचे। इस दौरान विजय की पत्नी और एसससपी उन्हें फोन किया था लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अनहोनी की आशंका पर एसएसपी ने तिलकामांझी थाने के गश्ती दल प्रभारी एएसआईजी राजेंद्र मंडल को पता लगाने कहा। खोजबीन के दौरान विजय की लाश रनवे पर स्कार्पियो से दबी मिली थी। एमवीआई ने मौत का कारण तेज रफ्तार बताया था एसएसपी ने एमवीआई गौतम कुमार को बुलाकर घटना की जांच करवाई। एमवीआई ने रिपोर्ट में कहा कि गाड़ी 110 के स्पीड में रही होगी और दुर्घटना के कारण थानेदार को मौत हो गई है। एमवीआई की रिपोर्ट को सच मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उसके बाद रनवे से दुर्घटनाग्रस्त स्कार्पियों को हटाकर खून के धब्बे को पानी से धुलवा दिया गया। दूसने दिन शव का पोस्टमार्टम भी करा दिया गया। लेकिन विजय की पत्नी व उनके परिजनों को दुर्घटना की बात नहीं पची। उनका मानना था कि थानेदार की हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप दिया गया। परिजनों ने इसके पीछे गहरी साजिश की ओर इशारा किया था। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद परिवार वालों के शंका को बल मिला है। 27 मार्च को थानेदार की पत्नी ने डाक द्वारा थाने को आवेदन भेजकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।

