बिहार की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब हिंदुस्तान आवामी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने एक दलित को राष्ट्रपति बनाने की मांग कर दिया. अब उनकी बात को मानते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पीएम मोदी से मुलाक़ात किया है और इस मुद्दे पर चर्चा किया है जिसपर पीएम मोदी ने अपनी सहमती दे दी है.
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पीएम मोदी से मंत्रणा करने के बाद अमित शाह सीधे यह खुशखबरी देने केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान के आवास पर पहुंच गए. गौरतलब है कि हिंदुस्तान आवामी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने रामविलास पासवान को राष्ट्रपति बनाने की वकालत की थी. पासवान को राष्ट्रपति बनने के मसले पर मांझी ने कहा था कि मैंने किसी की सिफारिश नहीं की लेकिन दलित को भारत का राष्ट्रपति बनाने की आग्रह किया है.
अगर आप यह सोच रहे हैं कि रामविलास पासवान को राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया जा रहा है तो आप सभी नवगछिया न्यूज़ के पाठक “अप्रैल फूल” बन गए.
राष्ट्रपति का पद एक संवैधानिक पद है जो जाति, धर्म से ऊपर उठकर है.

