नवगछिया पुलिस जिले के कोसी पार कदवा गोला टोला काली स्थान के पास शुक्रवार को फोरलेन कच्ची सड़क पर बाइक सवार अज्ञात शूटरों ने नवगछिया के अपने गांव ढोजबज्जा धोबिनियांबासा बाइक से जा रहे दो भाईयों पर अंधाधुंध फायरिंग किया. जिसमें बड़े भाई मानकेश्वर यादव 55 की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी. उसके सर और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गोली लगी है, जबकि छोटा भाई सावन यादव 30 की हालत गंभीर है. हालांकि उसे गोली छू कर निकल गयी है. उसके पंजरे के पास गोली लगने के गंभीर जख्म है और उसका सर भी बुरी तरह से फट गया है. घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल सावन को पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से नवगछिया अनुमंडल अस्पताल लाया. जहां सावन का प्राथमिक उपचार कर उसे बेहतर इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच मायागंज रेफर किया गया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना के बाद घटना स्थल व नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची पुलिस ने मामले की तहकीकात की है. इधर देर रात मृतक मानकेश्वर के शव को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया. मृतक का पुराना आपराधिक इतिहार रहा है. घायल सावन कुमार यादव ने बताया कि आज वे दोपहर अपने घर धोबिनियां बासा से बाइक से एक केस के सिलसिले में नवगछिया व्यवहार न्यायालय अपने भाई के साथ आया था. करीब तीन बजे कोर्ट का कार्य समाप्त कर वे अपने भाई मानकेश्वर के साथ घर जा रहे थे.

बाइक वही चला रहा था. बाबा बिशु राउत सेतु को पार करने के बाद जैसे ही वे लोग फोर लेन पक्की सड़क से कच्ची सड़क पर आये कि बाइक की रफ्तार धीमी होने के साथ ही दो बाइक से सवार हो कर तीन अपराधी एका एक आगे आ गये और दो अपराधियों ने ताबरतोड़ फायरिंग शुरू कर दी. वह कुछ समझ पाता तब तक उसके भाई को अपराधियों ने सर में गोली मार दी थी. वे जमीन पर गिर चुके थे. इसके बाद उसने दौड़ कर एक अपराधी के पकड़ने का प्रयास किया तो उसने गोली चला दी.
गोली उसके पंजरे के पास से हो कर गुजरी लेकिन वे रूके नहीं और उस अपराधी को दबोच कर लिया लेकिन तभी दूसरे अपराधी ने पिस्तौल के बट से उसके सर पर प्रहार किया, जबरदस्त चोट लग जाने के कारण वह जमीन पर गिर गया. इसके बाद उसने देखा कि अपराधी बाबा बिशु राउत सेतु की ओर ही भाग गये. सावन यादव का कहना है कि वह किसी भी अपराधी को पहचान नहीं पाया. पूरी तरह से बदहवास रहने के कारण सावन ने स्पष्ट रूप से घटना के कारणों को भी जिक्र नहीं किया. इतना जरूर कहा कि पूर्व में एक जमीन विवाद भी चल रहा था.
यह बात भी सामने आयी है कि एक आपराधिक मामले में मानकेश्वर जेल की हवा भी खा चुका था. सूत्र बता रहे हैं कि पिछले चार पांच बर्षों से मानकेश्वर ने आपराधिक दुनियां से अपना नाता तोड़ लिया था. इससे पहले मानकेश्वर की सीधी अदावत फैजान गिरोह से थी. माना जा रहा है कि पुरानी रंजिश के कारण ही मानकेश्वर की जान अपराधियों ने ले ली.
