नवगछिया अनुमंडल स्थित भवानीपुर पंचायत के अति प्राचीन बुढ़िया काली मंदिर के प्रांगण में नौ दिवसीय श्री श्री 108 शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में प्रतिदिन भक्ति की गंगा बह रही है साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रही है।आज कथा के चौथे दिन देर रात संगीतमय कथा व्यास परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने शक्ति चरित्र के वर्णन के साथ शुंभ निशुंभ वध कथा का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि मां दुर्गा आदि शक्ति रूप में अवतार लिया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उनका यह अवतार दानवों के संहार के लिए हुआ था। उन्होंने ऐसे दानवों से पृथ्वी व् स्वर्ग को मुक्त कराया, जिनका संहार करना देवताओं के बस में नहीं ब्रह्मा जी के तेज से ब्राह्मी विष्णु से वैष्णवी महेश से माहेश्वरी और अंबिका से चंडिका प्रकट हुई। रणभूमि में चारों ओर से असंख्य देवियों का आगमन हुआ,। राक्षस सेना भागने लगी देवी ने शुंभ और निशुंभ को ललकारा निशुंभ पर उन्होंने वान वर्षा की और निशुंभ की ओर से आने वाले सभी आयुधों को बेद कर देवी ने उसका वध कर दिया।


अपने भ्राता की दशा देख शुम्भ जैसे ही चंडीका देवी से युद्ध करने बढ़ा देवी चंडिका ने त्रिशूल से उनका संहार कर तीनों लोकों दोनों असुरों के अत्याचारों से मुक्ति दिला दी। कथा के दौरान बीच बीच में संगीत कलाकारों द्वारा भक्ति भजन से वातावरण भक्तिमय हो उठा ।इस कथा को सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो रहे थे ।

इस मौके और यज्ञ कमेटी के सदस्य सुबोध यादव , दीपक कुमार शर्मा , गौरव कुमार उर्फ सोनू, त्रिपुरारी भारती ,अभिषेक कुमार, अनिरुद्ध यादव, बेचन यादव, विकी कुमार, अनिमेष सिंह, कुंदन बाबा,मनवानंद जी, श्री प्रेमानंद जी ,प्रेमशंकर भारती, संजीव भगत ,पंकज भारती,अनंत विक्रम,पुरुषोत्तम कुमार,रणवीर सिंह,आमोद यादव,सुमन सौरभ, शुभम,अजित सिंह समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा का आनंद ले रहे थे।
