नारायणपुर – प्रखंड के बैकंठपुर दुधेला पंचायत के दुधैला गांव कटाव की भेंट चढ रहा है लेकिन अधिकारी यह मानने मानने को तैयार नहीं है कि कटाव से ग्रामीणों का घर गंगा से कट रहा है. जिसको लेकर अभी तक सरकारी सहायता से कटावपीड़ित उपेक्षित है. समाजसेवी संजय मंडल कहते हैं की अधिकारी निरीक्षण करके झुठी आश्वासन देकर चले गए लेकिन आज तक ग्रामीणों के बीच कुछ नहीं दिलवाया. गंगा दियारा क्षेत्र होने के कारण अधिकारी भी हमारी मजबूरी को मजाक बना रहा हैं दुखती रगों पर हाथ देनेवाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं है. रोज एक से दो घर गंगा में समा रहा है लेकिन कोई देखने वाला नहीं है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीण साठ घर गंगा में विलीन होने की बात बता रहे हैं. जिसके पास न रहने का घर है न हीं सोने को बिस्तर.एक चापाकल से गांव के लोगों को पानी पीना पर रहा है. कटाव के डर से करीब साठ लोगों ने गंगा किनारे से घर तोड़कर हटा लिया है.मुखिया अरविंद मंडल, अरुण मंडल, समाजसेवी संजय मंडल ने बताया कि सुबोध मंडल, दिनेश मंडल, नन्हकू मंडल, मोहन मंडल, उमेश मंडल, प्रकाश मंडल, चंद्रदेव, राजेश, शंभु, खेदन, कपिलदेव, गोपी यादव, प्रकाश शर्मा,

राजेन्द्र मंडल, डबलू, कमलेशरी शर्मा, किरण, इंद्रदेव, दीपक, भादे, रूपनारायण, नरेश, मंगल, पंकज, ललित, दासु, सोनेलाल, चंद्रशेखर, कलरी देवी, लक्ष्मण, जंगली, नारद, हाकिम, सूर्यनारायण, नरेश, घोलटी, फेकन दामोदर, अर्जुन, दिलीप, शंकर, बीपी मंडल, टुनटुन ठाकुर, गनोरी यादव, मनोज मंडल, अमित, वार्ड चार के वार्ड सदस्य सुभाष चंद्र सुमन, शिक्षक गुलजारीलाल मंडल, नवलकिशोर, प्रभाकर सहित साठ परिवार का घर गंगा नदी में कटाव से समा गया है.

कटाव पीड़ित कहते हैं कि अभी खाना बनाने में परेशानी होती है. कटाव पीड़ित को अभी रोशनी,भोजन,आवास की अति आवश्यकता है. वहीं आपदा पदाधिकारी सह नारायणपुर सीओ रामजपी पासवान ने कहा कि दो से तीन बार ग्रामीणों की शिकायत पर निरिक्षण कर चुके हैं. एक बार खगड़िया डिविजन के बाढ नियंत्रण विभाग के अधिकारी के साथ भी पहुंच जाँच पड़ताल की है खाली जगह डेढ किलोमीटर में कट रहा है गांव के लोग अपनी झोपड़ी हटाकर अन्यत्र रह रहे हैं वरीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी.
