नारायणपुर प्रतिनिधि : नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से कुछ ही दूरी पर रामूचक गांव है. अमूमन रामूचक के आस पास सड़क के अगल बगल लोगों की मौजूदगी नहीं रहती है. सुबह होने के कारण हादसे से पहले एक दो छात्र मार्निंग वाक कर रहे थे तो कुछ स्थानीय ग्रामीण अपने अपने कार्य से पैदल यात्रा कर रहे थे. दो छात्रों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बतायाकि उसने देखा कि ऑटो तेज रफ्तार में थी और उससे भी तेज रफ्तार से ट्रक पीछे से आ रही थी और जब तक वे लोग कुछ समझ पाते अगले ही पल एक जोर दार आवाज हुई, वे लोग चौक गये.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जब आवाज की ओर ध्यान केंद्रीत किया तो देखा कि ऑटो को पीछे से धक्का मारा गया है. तीन लोग ऑटो से लगभग बाहर निकल कर सड़क पर कराहने लगे थे तो दो लोग ऑटो पर ही कराह रहे थे. वे लोग नजदीक गये तो देखा कि तीन लोग कराह रहे थे. जिसमें एक चालक भी था. लेकिन ऑटो के बीच वाले सीट पर बैठे शिक्षक मिथिलेश शांत हो चुके थे. शायद वे अब नहींरहे थे. दोनों लड़कों ने बताया कि वे समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर करें क्या ?

सभी घायल खून से लथपथ थे. कुछ देर बाद ही मौके पर कई स्थानीय लोगआ गये. जिनकी सहायता से रामचंद्र राम और चालक सिकंदर यादव को नारायणपुर पीएचसी भेजा गया. घायल चालक सिकंदर यादव लगातार करार रहा था और स्थानीय लोगों से पानी मांग रहा था. दोनों छात्रों ने बताया कि घटना के बाद का खौफनाक दृश्य देखने के बाद वे लोग पूरी तरह से विचलित हो गये हैं. भगवान न करे किसी को इस तरह के क्षण से रू ब रू कराये.
