ऋषव मिश्रा कृष्णा – सामरिक महत्व रखने वाला लगभग 57 साल पुराना कुरसेला पुल नवगछिया के लिए पहला लाइफ लाइन था. भारत और चीन के बीच युद्ध के दौरान सन 1962 के आसपास इस पुल का निर्माण किया गया था. इस पुल निर्माण के साथ ही नवगछिया के लोग सीमांचल क्षेत्र से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ गए.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!– यातायात में होगी परेशानी
– कई तरह के व्यपार होंगे प्रभावित
– ढोलबज्जा के शाखा सड़कों पर बढ़ जाएगा आवागमन
व्यपार के नये अवसर सामने आए तो दूसरी तरफ अंग और मिथिलांचल संस्कृति को आपस में जोड़ने का कार्य यह पुल विगत पांच दशकों से कर रहा है. इस पुल बनने के बाद नवगछिया के सैकड़ों लोगों ने सबसे नजदीकी शहरों पूर्णियां कटिहार में अपनी नई दुनियां बसा ली.

बड़े वाहनों के बंद रहने से लोगों को करना होगा यातायात की समस्याओं का सामना
इस पुल पर बड़े वाहनों का आवागम बंद हो जाने से लोग अब सीधे सीमांचल तक का सफर नवगछिया, खगड़िया, भागलपुर से नहीं कर पाएंगे. लोगों को वाहन बदल बदल कर अपनी यात्रा करनी होगी. अगर लोग बस से यात्रा करेंगे तो बस किसी दूसरे रूट से पूर्णियां कटिहार पहुंचेगी जिससे लोगों का अनावश्यक समय बर्बाद होगा.
व्यपार पर पड़ेगा असर
वर्तमान में नवगछिया के विभिन्न बाजारों में 40 फीसदी सामान कटिहार पूर्णियां के बाजारों से लाया जाता है. ऐसे में नवगछिया के बाजारों पर इसका व्यापक असर पड़ेगा. दूसरी तरफ नवगछिया की अनाज मंडी आज भी गुलाब बाग पूर्णियां ही है. खास कर यहां से मक्का, गेहूं निर्यात होता है और चावल और दलहन, तिलहन का आयात होता है. अनाज के व्यवसाय पर भी इस पुल के बाद रहने से असर पड़ेगा.

दो दिन में ही ढोलबज्जा के ग्रामीण सड़कों हो जाएंगी खस्ताहाल
पूर्णिया के मोहनपुर लालगंज के रास्ते ढोलबज्जा के ग्रामीण सड़कों पर ट्रकों का परिचालन किसी भी मायने में सुरक्षित नहीं है. यहां गांव की सड़कें शंकरी और कमजोर है 2 दिन नहीं अत्यधिक ट्रकों के परिचालन के बाद निश्चित रूप से सड़कों की हालत खस्ताहाल हो जाएगी और ढोलबज्जा की ग्रामीण सड़कों पर हमेशा जाम लगा रहेगा. कुरसेला पुल बंद होने के पहले दिन ही लोग ढोल बजाके ग्रामीण सड़कों का हाल देख चुके हैं.
नवगछिया पर कम होगा यातायात का बोझ
फरक्का पुल बंद होने के बाद विगत 2 माह से नवगछिया में बंगाल से हो रहे ट्रकों की अत्यधिक आवाजाही से कुर्सेला से लेकर भागलपुर तक हमेशा जाम लगा रहता था. कुरसेला पुल के बंद हो जाने के बाद ऐसे वाहनों को कोलकाता भाया मोकामा जाना पड़ेगा. ऐसी स्थिति में नवगछिया में यातायात का बोल कुछ कम होगा जिससे खासकर स्थानीय लोगों को राहत मिलने की संभावना है.
