मंदारहिल सेक्शन में लगभग 50 साल पहले बिछी रेल लाइन अब बदली जाएगी। सी कैटेगरी की पुरानी पटरियों को बदलकर अब वैसी आधुनिक गुणवत्ता वाली ए कैटेगरी पटरियां लगाई जाएंगी जिसपर राजधानी जैसी ट्रेनें भी अपनी रफ्तार से चल सकें। इसके लिए रेल ट्रैक की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। अबतक तीन किमी तक 60 किलोग्राम प्रति मीटर भार वाली नई रेल पटरी की आपूर्ति दी गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भागलपुर रेल एरिया में कई जगहों पर रेलवे पटरी की गुणवत्ता उच्च कोटि की नहीं होने के कारण ट्रेनों की स्पीड बंधी हुई है। इनमें से कुछ जगह तो ऐसे हैं जहां अंग्रेजों के शासन काल में बिछी पटरी पर ही ट्रेनें रेंगती चल रही हैं। पिछले पांच सालों से नई पटरी की आपूर्ति नहीं होने के कारण इस सेक्शन में लगी पुरानी पटरियों को नहीं बदला जा रहा था। इसके कारण हालात ऐसे हो गए हैं कि मंदारहिल रेलखंड पर एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन तो शुरू हो गया है लेकिन पटरियां नम्नि दर्जे वाली होने के कारण भागलपुर से मंदारहिल के बीच करीब 25 किमी तक ट्रेनें 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल रही हैं।

इसके कारण भागलपुर से हावड़ा के लिए शार्ट रूट होने के बावजूद कवि गुरु एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का रनिंग टाइम अपेक्षाकृत अधिक है। बेला से मंदारहिल तक लगभग 25 किमी पुरानी पटरी लगी है, जिसे सी कैटेगरी ट्रैक कहा जाता है। इस पटरी पर ट्रेनें एक सीमा तक ही रफ्तार से चल सकती हैं। भागलपुर के पीडब्ल्यूआई इंजीनियर बताते हैं कि पुरानी पटरियों को बदलने का काम शुरू हो रहा है। तीन किमी पटरी की आपूर्ति हो गई है। संभावना है कि शेष पटरियों की आपूर्ति भी जल्द हो जाएगी।
पूर्व डीआरएम एमके माथुर ने पटरी बदलने की अनुशंसा की थी : मंदाहिल रेलखंड पर पुरानी पटरियों को बदलने की अनुशंसा पूर्व डीआरएम एमके माथुर ने की थी। स्वीकृति भी हुई लेकिन लगभग पांच साल गुजर गए जाने के बाद भी रेलवे बोर्ड से उच्च दर्जे की पटरी सप्लाई नहीं हो पायी थी।
