गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी और तूफान से तटीय लोगों में बाढ़ का दहशत -Naugachia News

बिहपुर

खरीक : कोसी और गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी और तूफान से तटीय लोगों में बाढ़ का दहशत है. बिजली विभाग की उदासीनता कहें या लापरवाही बाढ़ प्रभावित टापू में तब्दील लोकमानपुर में बीते 2 दिनों से बिजली ठप है.विद्युत आपूर्ति नहीं होने से लोकमानपुर के तकरीबन15000 की बाढ़ प्रभावित आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है.अंधेरा छाया रहने से लोगों के घरों में लटक रहे सांप से सर्पदंश की संभावना प्रबल हो गई है.

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है की प्रशासनिक स्तर से अब तक हम लोगों को लोकमानपुर से बाहर निकलने के लिए नाव की व्यवस्था नहीं की गई है.प्राइवेट नाव से बढ़ पीड़ित बड़ी मुश्किल से लोकमानपुर से बाहर निकल रहे हैं.ऐसी स्थिति में बिजली गुम हो जाने से अंधेरे में सर्पदंश की स्थिति में उपचार के लिए हम लोग मुख्यालय के अस्पताल तक भी नहीं पहुंच पाएंगे.ऐसी परिस्थिति में बाढ़ पीड़ितों का जान जाना स्वभाविक हो जाएगा.

मवेशियों को नहीं मिल रहा है चारा

चारों तरफ बाढ़ का पानी गिर जाने से लोकमानपुर के पशुपालकों को मवेशियों के लिए चारा नहीं मिल पा रहा है.मवेशियों को चारा उपलब्ध कराने के लिए नाव भी नहीं है.ऐसी परिस्थिति में मवेशी पालकों को मवेशी लेकर पलायन करने की स्थिति बन गई है.

सैकड़ों एकड़ में लगी मक्के की फसल बाढ़ की त्रासदी से बर्बाद हो गई है.अब जान माल की क्षति होने की संभावना प्रबल हो गई है. पूरे मामले में प्रशासन बेखबर है. सूचना देने के बाद प्रशासनिक पदाधिकारी लोकमानपुर के बाढ़ पीड़ित लोगों का सुध नहीं ले रहे हैं.बाढ़ पीड़ितों की मदद कागज के पन्नों पर सीमित है. पीड़ितों का कहना है कि हम लोगों की समस्या सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है. जीवन मौत से हम लोग जूझ रहे हैं.

कटाव की जद में है विद्युत ट्रांसफार्मर

भवनपुरा के समीप कोसी तट पर लगा विद्युत ट्रांसफार्मर कटाव की जद में पूरी तरह आ गया है.कभी भी ट्रांसफार्मर तार खंभा सहित कोसी नदी में गिर सकता है. बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर से पूरे भवनपुरा में विद्युत आपूर्ति होती है. ट्रांसफार्मर दोस्त होने की स्थिति में कभी भी भवनपुरा में बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है जिससे बाढ़ पीड़ितों की समस्या काफी बढ़ जाएगी. भवनपुरा पंचायत चारों ओर से बाढ़ के पानी से गिर चुका है.कोसी नदी के जल स्तर लगातार बढ़ने से कोसी के दक्षिणी जमीनदारी तटबंध पर दबाव बढ़ता जा रहा है. चोरहर कालूचक विश्वपुरिया के समीप जमीनदारी तटबंध पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

पिपरपाती के समीप तटबंध पहले ही ध्वस्त हो चुका है साइड से बने तटबंध कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है बाढ़ का पानी फैलने पर कोसी में आई बाढ़ का पानी में इजाफा होने पर ढोढ़ीया दादपुर चोरहर की ओर फैल सकता है. बाढ़ आने पर भीषण तबाही मचाएगी कोसी नदी के दक्षिणी इलाके में खरीक रेलवे स्टेशन तक सुदूरवर्ती बहियार में तैयार केले की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी. किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाएगा.

बाहर आने पर केला उत्पादक किसान बर्बाद हो जाएंगे.लगातार हो रही बारिश और तेज हवा ने केला किसानों की पहले ही कमर तोड़ रखी है. गंगा नदी के उफान से तटबंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है.राघोपुर से लेकर काजी कोरैया जीरो पॉइंट और लतीपुर से ननकार जमीनदारी तटबंध कई जगहों पर जर्जर है. तटबंधों की हालत अच्छी नहीं है. इस संदर्भ में खरीक अंचलाधिकारी विनय शंकर पांडा ने कहा कि हम अवकाश में हैं. पुनः वापस आने पर पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा.