बिहपुर में महादलित परिवार के तीन सदस्यों की हुई हत्या, छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और जिले में बढ़ती अपराध की घटना के विरोध में गुरुवार को भाकपा माले ने भागलपुर बंद का अहवान किया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य कमेटी सदस्य एसके शर्मा एवं एक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने कहा कि नीतीश व भाजपा के शासन में हत्या एवं दुष्कर्म की घटना का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है। समाज का कमजोर तबका खासकर गरीब-दलित और मजदूरों की बहु-बेटियां अपने को असुरक्षित समझ रही है। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिससे पुलिस प्रशासन फेल हो गई है। बिहपुर की घटना, वकील आरजू की हत्या में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार करवा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन पर बंदी के
इधर न्याय मंच, सोशलिस्ट पार्टी, जन संसद एवं पीएसओ ने एक संयुक्त बैठक कर भाकपा माले के भागलपुर बंद को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है। बैठक में ¨रकू, अर्जन शर्मा, गौतम कुमार प्रीतम, रामानंद पासवान, अंजनी, प्रवीण एवं सोनम सहित अन्य उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि अपराधी, पुलिस व राजनेताओं के गठजोड़ को तोड़कर ही बढ़ते अपराध पर काबू पाया जा सकता है। इसके लिए हम एकजुट होकर लडेंगे।

स्टेशन चौक पर सीएम का फूंका पुतला
महादलित परिवारों की हत्या के विरोध में बुधवार को वामदल, सीपीआई, सीपीआईएम, एवं एसयूसीआई सी ने स्टेशन चौक पर सीएम नीतीश कुमार का पुतला फूंका और सरकार के विरोध में नारेबाजी की। विधि व्यवस्था फैल हो जाने के कारण जिले की जनता भय का जीवन जी रही है। उन्होंने हत्या की न्यायिक जांच कराते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की सरकार से मांग की है। सभा को संबोधित करने वालों में सुधीर शर्मा, दीपक कुमार मंडल, दशरथ प्रसाद सहित अन्य शामिल थे।
प्रतिवाद सभा आयोजित
परिधि पीस सेंटर एवं महिला उत्पीड़न विरोधी मंच ने झंडापुर बिहपुर की घटना के विरोध में घंटाघर चौक पर प्रतिवाद सभा किया। सभा की अध्यक्षता करते हुए सुषमा ने कहा कि उक्त घटना की कड़ी निंदा की।
शिष्टमंडल ने घटना स्थल का किया दौरा
इधर सीपीआई एम का पांच सदस्यीय शिष्टमंडल बुधवार को झंडापुर गांव पहुंचा। वहां मामले की की घटना स्थल का जायजा लेने के बाद लोगों से पूछताछ की और कहा कि उक्त घटना हृदय विदारक है और बदले की भावना से की गई है। शिष्टमंडल ने जिला प्रशासन से अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी करने एवं पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। शिष्टमंडल में मनोहर मंडल, उमेश मंडल, विमल पोद्दार, अनवर आलम एवं नवल किशोर सहित अन्य शामिल थे।
