भागलपुर। रेलवे स्टेशन के बाहर बुधवार को पुलिस ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। दो पुलिसकर्मियों ने एक युवक को दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। युवक दया की भीख मांगता रहा लेकिन पुलिसकर्मियों का दिल नहीं भरा। वर्दी वालों की गुंडई यहीं नहीं थमी। युवक जब जमीन पर गिरकर लहूलुहान और बेसुध हो गया तो आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी हड्डियां तोड़ने की धमकी दी। पुलिस का यह चेहरा देख किसी की हिम्मत नहीं पड़ी कि युवक को कोई पुलिस के चंगुल से छुड़ाए। युवक जब तक बेसुध नहीं हुआ तब तक पुलिसकर्मी उस पर लाठियां बरसाते रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल बुधवार को भाकपा माले और एआइएसएफ के कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे थे तभी एकाएक लोगों की नजर स्टेशन के बाहर पुलिस शिविर के बाहर पुलिस पर पड़ी। दो पुलिसकर्मी एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे। मामला जब तक कोई समझ पाता तब तक युवक पुलिस की लाठियों से घायल होकर जमीन पर गिर चुका था। आसपास के लोगों ने विरोध किया तो एक पुलिसकर्मी ने कहा यह शराब के नशे में हमारे साथ बदसलूकी कर रहा था इसलिए इसे पीट रहे हैं।

सभी लोग पीछे हट जाओ नहीं तो सभी की कुटाई कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच दूसरे पुलिसकर्मी ने कहा कि युवक पागल है। उसे हटाने गए तो वह मारपीट करने लगा इसलिए इसे पीट रहे हैं। इस पर युवक ने चिल्लाते हुए कहा कि उसने न तो शराब का सेवन किया और न ही वह पागल है। पुलिस उसे क्यों मार रही है यह उसे भी नहीं पता। इस बीच कुछ राहगीर अपने-अपने मोबाइल फोन निकालकर वर्दी वालों की गुंडागर्दी को कैमरे में कैद करने लगे। इस पर दोनों पुलिसकर्मी आग-बबूला हो गए और लोगों को धमकी दी कि मोबाइल फोन बंद करो नहीं तो ऐसे ही सभी की कुटाई कर दी जाएगी। बाद में युवक को लोगों ने वहां से अस्पताल पहुंचाया।
दूसरी ओर एआइएसएफ के सचिव आदित्य राज ने कहा कि अगर युवक शराबी था तो उसका मेडिकल कराकर जेल भेजा जाना चाहिए था। वहीं अगर पागल था तो उसे थाने में या किसी एनजीओ के हवाले किया जाना चाहिए था। लेकिन पुलिसकर्मियों ने जानवर की तरह युवक को पीटा। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर अविलंब कार्रवाई करने और मामले की जांच की मांग की।
