नारायणपुर प्रखंड के कोदार भित्ता भटगामा गांव में ग्रामीणों ने अग्निपीड़ितों की सहायता को लेकर सोमवार को बैठक की। बैठक में प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिलने को लेकर चर्चा हुई। ग्रामीण जयनंदन मंडल ने बताया कि 18 फरवरी को चूल्हे की चिंगारी से लगी आग में 65 लोगों के घर जल गए थे। उनके घरों में रखा सारा सामान भी जलकर पूरी तरह राख हो गया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में अग्निपीड़ितों ने कहा कि घटना के दिन नारायणपुर के बीडीओ और सीओ कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने सभी अग्निपीड़ितों को खाने की व्यवस्था की थी। साथ ही रहने के लिए प्रशासन की ओर से पॉलिथीन दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि इस ठंड के मौसम में छोटे-छोटे बच्चे लेकर पॉलिथीन में रात गुजारने में दिक्कत होती है।
ठंड के कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। उन्हें सदी-खांसी व बुखार हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों के रहने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। हालांकि, अग्निपीड़ितों ने कहा कि प्रशासन की ओर से प्रतिदिन भोजन में चावल-दाल और सब्जी दी जा रही है।














