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बिहार के टीचर अब शराब तस्करों और पियक्कड़ों की करेंगे निगरानी.. सरकार को देंगे गुप्त सूचना

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से एक आदेश निकाला गया है. आदेश के मुताबिक, बिहार से शिक्षक अब शराब तस्करों और पियक्कड़ों की निगरानी करेंगे. विभाग के शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बिहार के उच्च, मध्य, प्राथमिक विद्यालय और तालिमी मरकज के अलावा बिहार के सभी शिक्षा समितियों, शिक्षकों, प्राधानाध्यापकों, शिक्षिकाओं, शिक्षा सेवियों को सरकार के इस आदेश का पालन करना होगा.

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ये सभी चोरी छुपे शराब बेचने वालों. उसकी तस्करी करने वालों, अवैध शराब का निर्माण करने वालों और उसका सेवन करने वालों की सूचना उत्पाद विभाग के हेल्पलाइन पर देंगे. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. शिक्षा सचिव की ओर से जारी पत्र में शिक्षकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.

इस नंबर पर करना होगा फोन

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के मुताबिक, 9473400378, 9473400606 और 18003456268 या 15545 पर फोन कर शराबियों और तस्करों के बारे में गुप्त सूचना देनी होगी. बिहार सरकार का ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. आदेश से संबंधित पत्र सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के अलावा अन्य विभागों सहित सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेज दिया गया है. यानी शनिवार से मास्टर साहब की ड्यूटी बढ़ गई है. मास्टर साहब अब शराबियों की तलाश में जुटेंगे और मुंह सूंघने के अलावा उस इलाके की छानबीन करेंगे, जहां पर शराब बन रही है, जहां शराब की सप्लाई चोरी छुपे की जा रही है.
सरकार की ओर से जारी आदेश की कॉपी.

शिक्षक संघों का आया रिएक्शन

वहीं बिहार शिक्षक संघ के अध्यक्ष केशव कुमार का रिएक्शन भी सामने आ गया है. केशव कुमार ने बयान जारी कर बिहार के शिक्षकों से कहा कि बिहार राज्य में शिक्षकों के लिए संघर्ष करने वाले तमाम संघों के माननीय प्रतिनिधियों से अपील है कि बिहार सरकार के इस आदेश के खिलाफ गोलबंद हों. केशव कुमार ने शिक्षकों से कहा है कि इस आदेश को सिरे से खारिज करने की सूचना सरकार को बहुत जल्द दी जाएगी.

केशव कुमार ने बक्सर जिले के शिक्षकों को एक मैसेज भेजकर अपील करते हुए सरकार से सवाल पूछा है कि शराबी और शराब माफिया का दुश्मनी निहत्था शिक्षक क्यों ले? अगर सारे काम शिक्षक ही करेंगे तो फिर कोर्ट, थाना का काम, सड़क, बिल्डिंग, पुल आदि बनाने का काम, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग आदि सभी विभागों का काम शिक्षकों को क्यों नहीं दिया जा रहा है?

चोर चोर चोर.. कॉपी कर रहा है