छट घाटों की गूगल मैपिंग से ले सकेंगे जानकारी, कौन-कौन से घाट खतरनाक…
छठ पूजा और घाटों की तैयारी के लिए 21 टीम बनाई गई हैं। हर टीम को अपने हिस्से के पांच घाटों की तैयारी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी दी गई है। इसमें पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर तैयारी, घाटों का निरीक्षण, खतरनाक घाटों की पहचान एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। वहीं छठव्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए 101 गंगा घाटों लिए टीम बनाई गई है।
डीएम कुमार रवि ने बताया कि इस बार नए फीचर के साथ छठ पर्व पर जिला प्रशासन मोबाइल एप तैयार कर रहा है। इस एप के जरिए गूगल मैपिंग से घाटों की दूरी और पार्किंग की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही छठव्रतियों को कौन से घाट नजदीक है, कितना चौड़ा है, पानी की कितनी गहराई है और कौन-कौन से घाट प्रशासन ने खतरनाक घोषित किया है। इन सबकी जानकारी घर बैठे छठव्रतियों को एक ही जगह उपलब्ध हो जाएगा। छठ घाटों के लिए बनाए गए सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य पदाधिकारियों का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध रहेगा। जन सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी रहेगी।

101 घाटों के लिए बनाए गए 21 सेक्टर मजिस्ट्रेट
डीएम कुमार रवि ने बताया कि सभी घाटों को 21 समूह में बांटकर हर पांच घाट पर एक सेक्टर पदाधिकारी अपने तीन अन्य पदाधिकारियों के साथ युद्धस्तर पर कार्य करेंगे। वहीं नगर आयुक्त नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि 86 प्रमुख गंगा घाटों पर रोशनी की व्यवस्था,घाटों पर सीढ़ी एवं चाली का निर्माण, घाटों तक पहुंच पथ के साथ-साथ गंगा घटों पर पानी के अंदर बैरिकेडिंग की व्यबस्था करेंगे। कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को निर्देश दिया गया है कि सभी गंगा घाटों पर चेजिंग रूम, वाच टावर एवं नियंत्रण कक्ष की व्यबस्था की जाएगी। वहीं भवन निर्माण लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल को गंगाघाटों पर पहुंच पथ, शौचालय, यूरिनल एवं चापाकल की व्यबस्था करनी है। सिविल सर्जन सभी प्रमुख गंगा घाटों पर मेडिकल कैम्प तथा एम्बुलेंस की व्यवस्था डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी सहित जीवनरक्षक दवाओं की व्यवस्था करेंगे। सभी घाटों पर गोताखोर, एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की व्यवस्था करेंगें। रविवार को डीएम कुमार रवि ने सभी गंगा घाटों पर किये जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

