विक्रमशिला सेतु पर बढ़ता खतरा, दूसरे स्पैन में भी गड़बड़ी के संकेत
विक्रमशिला सेतु पर रविवार देर रात हुए हादसे के बाद अब हालात और गंभीर होते दिख रहे हैं। पहले जहां पिलर नंबर 133 के पास एक स्पैन गंगा में समा गया, वहीं अब उसके ठीक बगल वाले उत्तरी हिस्से में भी संरचनात्मक कमजोरी के संकेत मिलने लगे हैं।
स्थानीय लोगों द्वारा ली गई नई तस्वीरों में अगला स्लैब नीचे की ओर झुका हुआ दिखाई दे रहा है। इससे यह आशंका गहराती जा रही है कि पुल का यह हिस्सा भी कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। पिलर और स्लैब के बीच संतुलन बिगड़ना इंजीनियरिंग की भाषा में बड़े खतरे का संकेत माना जाता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार शाम हेलिकॉप्टर से पूरे क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय चौधरी भी उनके साथ मौजूद रहे। सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है।

वायरल वीडियो से बढ़ी चिंता
बरारी घाट के पास से सामने आए एक वीडियो में दिख रहा है कि भारी वाहन गुजरने पर पुल के नीचे से मलबा गिर रहा था—और यही वह हिस्सा है जो बाद में टूटकर गिर गया। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर यह हाल का है, तो निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।
“लाइफलाइन” पर संकट
यह पुल भागलपुर को उत्तर बिहार और सीमांचल से जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। एक स्पैन के गिरने के बाद अब दूसरे हिस्से में आई गड़बड़ी ने हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है।
आगे क्या?
अधिकारियों का कहना है कि पूरे पुल का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण और मेंटेनेंस किया जाएगा। जब तक पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक पुल को चालू नहीं किया जाएगा।

