भागलपुर : 6.52 करोड़ की लागत से बनेगा सुविधा संपन्न धर्मशाला, बुडको ने दी मंजूरी
भागलपुर। सावन का महीना शुरू होते ही अजगैवीनाथ धाम एक बार फिर आस्था का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान कर पवित्र जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। हर साल उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच सबसे बड़ी परेशानी ठहरने और बुनियादी सुविधाओं की होती है, लेकिन अब इस दिशा में एक बड़ी पहल की गई है।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर आधुनिक धर्मशाला के निर्माण की योजना को गति दी गई है। इस धर्मशाला के बनने से कांवड़ियों को ठहरने की बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी और उन्हें खुले आसमान या अस्थायी जगहों पर रात बिताने की मजबूरी नहीं होगी। यह पहल न सिर्फ श्रद्धालुओं को राहत देगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी मजबूती देगी।
प्रस्तावित धर्मशाला को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। इसमें पर्याप्त कमरे, साफ-सुथरे शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, सुरक्षा के लिए गार्ड रूम और वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही परिसर को हरियाली और गार्डन के जरिए आकर्षक बनाया जाएगा, ताकि भीड़भाड़ के बीच श्रद्धालुओं को सुकून भरा माहौल मिल सके।

इस परियोजना के लिए बुडको ने 8.85 करोड़ रुपये की निविदा जारी की थी, जिसके बाद 6.52 करोड़ रुपये में नंदलाल एंड कंपनी को निर्माण का जिम्मा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे आने वाले समय में श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकेंगे।
परियोजना के तहत वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग धर्मशालाएं बनाई जाएंगी। वीआईपी धर्मशाला ग्राउंड प्लस दो मंजिला होगी, जिसमें हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, किचन और कई कमरे बनाए जाएंगे। वहीं आम श्रद्धालुओं के लिए तीन मंजिला धर्मशाला का निर्माण होगा, जिसमें बड़ी संख्या में कमरे और हर मंजिल पर शौचालय की व्यवस्था रहेगी।
हर साल लगने वाले श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में इस नई धर्मशाला के बनने से ठहरने की समस्या काफी हद तक दूर होगी और साफ-सफाई व सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। आने वाले समय में यह पहल सुल्तानगंज को एक और मजबूत धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

