नवगछिया अनुमंडल के नारायणपुर स्थित सोनवर्षा बहियार में गुरुवार सुबह एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अमरी विशनपुर निवासी 25 वर्षीय दिलीप कुमार मंडल के रूप में हुई है, जो भीम मंडल का पुत्र था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बताया जा रहा है कि दिलीप अपने दो दोस्तों के साथ फसल की रखवाली करने बहियार गया था। सुबह करीब 10:30 बजे गोली चलने की आवाज के बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि दिलीप खून से लथपथ पड़ा हुआ है। घटनास्थल के पास से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ।
सूचना मिलने पर बिहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दिलीप के साथ गए गांव के ही दो युवकों—सिंटू कुमार और गोल्टन कुमार—से पूछताछ की। दोनों ने पुलिस को बताया कि दिलीप के हाथ में लोडेड कट्टा था और वह उसकी नाल से कान के पास खुजलाने लगा, तभी अचानक ट्रिगर दब गया और गोली चल गई।

हालांकि, दोनों युवक यह स्पष्ट नहीं कर सके कि दिलीप के पास अवैध हथियार कहां से आया। उधर, मृतक की मां चंद्रिका देवी और भाई फूलो मंडल ने इस घटना को सिरे से खारिज करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।
ग्रामीणों को भी “कान खुजलाने के दौरान गोली चलने” की कहानी संदिग्ध लग रही है। घटनास्थल से बरामद कट्टा पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों ने अब तक लिखित आवेदन नहीं दिया है, लेकिन पुलिस दोनों पहलुओं—हादसा और हत्या—को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मामले को और पेचीदा बनाता है यह तथ्य कि मृतक का मोबाइल फोन और गले में पहना हनुमानजी की तस्वीर वाला चांदी का लॉकेट गायब है। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, लोडेड देसी कट्टा से खुद के कान के पास खुजलाते समय गोली चल जाना फॉरेंसिक दृष्टि से बेहद दुर्लभ है। ऐसे में पुलिस के लिए यह जरूरी होगा कि बैलिस्टिक रिपोर्ट, एंट्री-वाउंड और घटनास्थल के साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर सच्चाई सामने लाए। फिलहाल यह मामला हादसा है या हत्या—यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।













