नवगछिया : बिहपुर प्रखंड अंतर्गत हरियों पंचायत के वार्ड संख्या दो के बड़ीखाल गांव में बाढ़ का कहर इस कदर है कि पूरा गांव जलमग्न हो चुका है। चारों ओर पानी फैल जाने से ग्रामीणों का सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों के आंगन, स्कूल, मंदिर, सड़कें सभी जलमग्न हैं। गांव के लोग अपनी जान और मवेशियों को बचाने के लिए ऊंचे स्थानों का सहारा ले रहे हैं। जिनके पास संसाधन हैं, वे निजी कोष से नाव का इंतजाम कर राष्ट्रीय राजमार्ग 106 पर अपने परिजनों और मवेशियों को ले जाकर किसी तरह शरण लिए हुए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वहीं ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस मदद नहीं पहुंची है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जबसे बाढ़ आई है, सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं की गई। हरियों पंचायत के वार्ड दो के सचिव मंटू मंडल ने भी इस पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बिहपुर अंचलाधिकारी लवकुश कुमार से कई बार मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई सरकारी नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहां तक कि फोन कॉल रिसीव तक नहीं किया जा रहा है।
वहीं वार्ड सदस्य मंजू देवी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 106 पर वे अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। बरसात के बीच खुले आसमान तले रहना मजबूरी बन गया है। गांव के लोगों ने कहा कि बिहार सरकार और जिला प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेकर हरियों पंचायत के बड़ीखाल गांव में विशेष अभियान चलाना चाहिए। बिहपुर अंचलाधिकारी लवकुश कुमार ने बताया कि पूर्व में ही नाव की व्यवस्था कर दी गई है, उनका कहना है कि संकट की इस घड़ी में हरसंभव बाढ़ पीड़ितों की मदद की जाएगी।














