भागलपुर: इलाज के दौरान दो कोरोना संक्रमितों की मौत, तीसरी लहर में पहली बार मायागंज अस्पताल में हुई डेथ

भागलपुर / पटना

भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती दो कोरोना मरीजों की 24 घंटे के अंदर इलाज के दौरान मौत हो गयी। मरने वाली एक महिला शहर के बूढ़ानाथ की तो दूसरी किशोरी बांका जिले की रहने वाली थी। तीसरी लहर शुरू होने के बाद पहला ऐसा मौका है जब मायागंज अस्पताल में किसी कोरोना मरीज की मौत हुई है।

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हालांकि जिले में पहली कोरोना से मौत शहर के शिवपुरी कॉलोनी निवासी 21 साल के युवक की पटना में इलाज के दौरान आठ जनवरी को हुई थी। शहर के बूढ़ानाथ निवासी 35 साल की महिला के पेड़ू में तेज दर्द हुआ तो उसे 11 जनवरी को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी में डॉ. अशोक राय की यूनिट में भर्ती कराया गया था।

इसके बाद महिला की हालत खराब होने लगी तो उसे 11 जनवरी की रात साढ़े आठ बजे आईसीयू में भर्ती कराया गया। 13 जनवरी को आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में यह महिला मरीज कोरोना पॉजिटिव पायी गयी। तमाम प्रयासों के बावजूद महिला के हालत में सुधार नहीं हुआ और शनिवार की सुबह पौने आठ बजे इलाज के दौरान मौत हो गयी।

बांका की किशोरी की भी हुई कोरोना से मौत

बांका जिले के अमरपुर थानाक्षेत्र के धिमरा गांव निवासी 16 साल की किशोरी को शॉक, हाइपोटेंसिव व सेप्टीसिमिया की शिकायत के साथ उसे 14 जनवरी को शाम 5:40 बजे इलाज के लिए डॉ. एमएन झा की यूनिट में इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। जहां रैपिड एंटिजन टेस्ट किट से हुई जांच में उसे ससपेक्टेड कोविड मरीज करार दिया गया और आगे के इलाज के लिए एमसीएच कोरोना आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया।

डॉक्टरों के मुताबिक, किशोरी का बीपी लो था। जहां इलाज के दौरान शुक्रवार की देर रात 10:15 बजे उसकी मौत हो गयी। मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने कहा कि दोनों कोरोना मृतकों की लाश को कोविड पालीपैक में सील करके उसे अंतिम संस्कार के लिए दे दिया गया।