खगड़िया में फर्जी सर्टिफिकेट पर शिक्षक बन बीते 8 वर्ष से नौकरी कर रहीं एक महिला शिक्षिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई गोगरी पुलिस ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के तरफ से दर्ज कराए गए एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की। बताया जाता है कि फर्जी शिक्षिका की गिरफ्तारी भागलपुर जिले के साहू परबत्ता स्थित उनके आवास से हुई है। इसे गिरफ्तार कर गोगरी थाना लाया गया और वहां से जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार फर्जी शिक्षिका की पहचान भागलपुर जिले के साहू परबत्ता निवासी सुनील कुमार ठाकुर की पुत्री किशोरी कुमारी उर्फ रिंकी देवी के रूप में हुई है। जो खगड़िया के गोगरी प्रखंड स्थित मीडिल स्कूल मंगा झिलेरिया में फर्जी सर्टिफिकेट पर शिक्षक बन नौकरी कर रहीं थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!2 वर्ष पूर्व निगरानी डीएसपी ने दर्ज करवाई थी एफआईआर
बताते चलें कि बिहार में नियोजित शिक्षकों की बहाली में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, जिसकी जांच का जिम्मा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को सौंपा गया है। इसी कड़ी में नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच में फर्जी सर्टिफिकेट पर शिक्षक की नौकरी करने का लगातार मामला सामने आ रहा है। खगड़िया में मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी कन्हैयालाल ने उक्त फर्जी शिक्षिका के विरुद्ध दो वर्ष पूर्व गोगरी थाना में कांड संख्या 1/ 2020 दर्ज करवाई थी। केस के आईओ नीरज कुमार के अनुसार फर्जी महिला शिक्षिका को महिला पुलिस के संरक्षण में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
2104 में फर्जी सर्टिफिकेट पर पाई थी नौकरी, 2020 में निगरानी ने दर्ज कराई थी एफआईआर

बताते चलें कि गिरफ्तार महिला शिक्षिका वर्ष 2014 में फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी पाई थी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जांच के बाद वर्ष 2020 में उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि फर्जी शिक्षिका से उनके नौकरी के कार्यकाल में लिए गए वेतन की भी वसूली की जाएगी।
