चार दिन बाद भी शहीद पसराहा थानाध्यक्ष की हत्या के आरोपी कुख्यात दिनेश मुनि की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि सोमवार रात में पूर्णिया के रुपौली दियारा में हत्थे चढ़ने से दिनेश बच गया। वह गंजी-गमछा में चकमा देकर भाग निकला।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस ने मौके से कपड़ा, जींस और मोबाइल जब्त किया है। खगड़िया पुलिस ने यह कार्रवाई दीना चकला स्थित उसकी बहन की निशानदेही पर की थी। पुलिस ने बहन को हिरासत में ले लिया है। वहीं पुलिस ने घायल का इलाज करने वाले महेशखूंट के डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने एक और युवक को भी पूछताछ के लिए पकड़ा है।
पुलिस के हाथ लगी मुनि की फोटो
बहुत मशक्कत के बाद पुलिस को दिनेश मुनि का फोटो उपलब्ध हो सका है। एसपी मीनू कुमार का कहना है की करीब तीन साल पहले किसी मामले में बेगूसराय में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। उसी दौरान उसकी तस्वीर ली गई थी जो थाने में था। बेगूसरास पुलिस ने उन्हे उपलब्ध कराया है। इसकी उम्र करीब 38 साल होगी।

घर से पुलिस को कुछ नहीं मिला
मंगलवार को खगड़िया पुलिस ने पसराहा थाना के तेहाय गांव में दिनेश मुनि के घर की कुर्की जब्ती की। हालांकि, दिनेश के घर से पुलिस को कुछ नहीं मिला है। डीएसपी मुख्यालय अमरकांत ने बताया कि मंगलवार को कुख्यात दिनेश मुनि के घर कुर्की जब्ती में कोई कीमती सामान नहीं है। जो भी सामान मिला उसे जब्त कर लिया गया है। मालूम हो कि 12 अक्टूबर की रात में दुधेला मोजमा दियारा में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में पसरा के थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह शहीद हो गए थे।
