भागलपुर (सबौर)। इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय सबौर एवं बालिका उच्च विद्यालय सबौर का निरीक्षण गुरुवार को कमिश्नर राजेश कुमार ने किया। उनके साथ सबौर बीडीओ ममता भी थीं। दोनों विद्यालयों में साफ-सफाई की बदतर व्यवस्था और विकास फंड खर्च नहीं होने पर आयुक्त काफी नाराज हुए और मौके पर ही चेतावनी देते हुए सब कुछ सही करने का हिदायत दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आयुक्त तकरीबन दिन के 12 बजे उच्च विद्यालय सबौर अचानक पहुंचे। कार्यालय में कई शिक्षिकाओं को बैठा देख एक-एक कर उनसे पूछा कि कब क्लास है और आप लोग यहां क्यों बैठी हैं। आयुक्त के आते ही शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि कमिश्नर ने बहुत ही संयमित होकर उपस्थिति रजिस्टर मंगवाया और जांच की। फिर क्लास रूम पहुंचे और छात्र-छात्राओं से भी पूछताछ की ताकि उनमें पढ़ाई की गुणवत्ता को परखा जा सके।

उसके बाद बाहर में फैली गंदगी एवं परिसर में विचरण कर रहे जानवरों को देख आयुक्त बिफर गए और साफ-सफाई पर ध्यान देने का हिदायत दी। विकास फंड में 16 लाख की राशि रहने के बाद भी रिपेय¨रग और रंग रोगन नहीं होने पर भी वे नाराज हुए। उन्होंने कहा कि आखिर किस लिए विकास की राशि मिली है जब विद्यालय के ये हालात हैं।
इसके बाद कमिश्नर बालिका उच्च विद्यालय पहुंचे वहां प्रधानाध्यापक विजय कुमार सिंह को अनुपस्थित पाकर पूछा तो बताया गया कि डीओ कार्यालय गए हैं। इस पर आयुक्त ने डीओ को मोबाइल लगा दिया। लेकिन वह वहां नहीं थे।

तकरीबन 20 मिनट बाद पहुंचे तो आयुक्त ने उनसे पूछा की आप यदि डीओ कार्यालय भागलपुर थे तो फिर इतनी जल्दी कैसे आ गए। वहां क्लास में झाड़ू नहीं लगा रहने के कारण काफी धूल और कंकड़ था उस पर उन्होंने एचएम से पूछा कि साफ सफाई की काफी बदतर क्यों है। आयुक्त ने विकास फंड में मौजूद आठ लाख की राशि खर्च कर विद्यालय का रिपेय¨रग एवं साफ सफाई करने का निर्देश दिया।

