विक्रमशिला सेतु संकट: नई नवेली दुल्हन धूप में चचरी होकर चढ़ी नाव पर
नवगछिया में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद तीनटंगा जहाज घाट पर पिछले चार दिनों से नाव के जरिए लोगों का आवागमन जारी है। पुल पर यातायात प्रभावित होने से घाट पर यात्रियों का दबाव अचानक काफी बढ़ गया है। गुरुवार को एक नई नवेली दुल्हन भी तपती धूप में बालू पार कर चचरी के सहारे नाव पर चढ़ने को मजबूर दिखी।
रोजाना बड़ी संख्या में लोग नाव के सहारे गंगा पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाट पर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी हैं और स्थानीय पुलिस की तैनाती भी की गई है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
इसके बावजूद घाट पर मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीण निर्मल कुमार यादव और मनोज रविदास समेत अन्य लोगों ने बताया कि घाट पर यात्री शेड, चापाकल, महिलाओं के लिए शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है। तेज धूप और भीषण गर्मी में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

यात्री शिल्पा देवी ने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों के साथ नाव यात्रा करना काफी कठिन साबित हो रहा है।
दुल्हन की मजबूरी
शादी के बाद पहली बार ससुराल जा रही दुल्हन रूबी देवी को नाव से उतरने के बाद तपती बालू और चचरी के रास्ते होकर जाना पड़ा। रूबी देवी ने कहा, “भगवान को यही मंजूर था, तभी शादी के कुछ दिन पहले ही पुल टूट गया। हमें कोई परेशानी नहीं है, पति के साथ जहां भी जाना होगा, साथ जाएंगे।”
महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
चचरी का रास्ता खतरनाक होने के कारण महिलाओं और बुजुर्गों को नाव पर चढ़ने और उतरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि घंटों धूप में खड़े रहने से तबीयत खराब हो रही है और बच्चे भी बीमार पड़ रहे हैं।
यात्री चांदनी देवी ने कहा कि गंगा नदी का यह सफर काफी कष्टदायक साबित हो रहा है।

